-
कोई पहचान ज़रा देख तो लो!
तुम ये कहते हो कि मैं ग़ैर हूँ फिर भी शायद, निकल आए कोई पहचान ज़रा देख तो लो| जावेद अख़्तर
-
रह जाओगे हैरान ज़रा देख तो लो!
इन चराग़ों के तले ऐसे अँधेरे क्यूँ है, तुम भी रह जाओगे हैरान ज़रा देख तो लो| जावेद अख़्तर
-
हुआ वीरान ज़रा देख तो लो!
ये नया शहर तो है ख़ूब बसाया तुमने, क्यूँ पुराना हुआ वीरान ज़रा देख तो लो| जावेद अख़्तर
-
लगते हैं परेशान ज़रा देख तो लो!
जीना मुश्किल है कि आसान ज़रा देख तो लो, लोग लगते हैं परेशान ज़रा देख तो लो| जावेद अख़्तर
-
दिल ही दिल में ये माना तो होगा!
जीत के भी वो शर्मिंदा है हार के भी हम नाज़ाँ, कम से कम वो दिल ही दिल में ये माना तो होगा| जावेद अख़्तर
-
दिल को बहलाना तो होगा!
दिल की बातें नहीं है तो दिलचस्प ही कुछ बातें हों, ज़िंदा रहना है तो दिल को बहलाना तो होगा| जावेद अख़्तर
-
वो दीवाना तो होगा!
कुछ बातों के मतलब हैं और कुछ मतलब की बातें, जो ये फ़र्क़ समझ लेगा वो दीवाना तो होगा| जावेद अख़्तर
-
ऐ दिल अब जाना तो होगा!
डर हमको भी लगता है रस्ते के सन्नाटे से, लेकिन एक सफ़र पर ऐ दिल अब जाना तो होगा| जावेद अख़्तर
-
उसने हमको पहचाना तो होगा!
याद उसे भी एक अधूरा अफ़्साना तो होगा, कल रस्ते में उसने हमको पहचाना तो होगा| जावेद अख़्तर
-
सतरंगी तितली!
आज एक बार फिर मैं अपने अत्यंत प्रिय नवगीतकार स्वर्गीय रमेश रंजक जी का एक सुंदर नवगीत शेयर कर रहा हूँ| जैसा मैंने पहले भी उल्लेख किया है रंजक जी को काव्य-पाठ करते हुए सुनने का अनुभव बहुत सुंदर होता था और मेरा सौभाग्य है कि मुझे यह अवसर अनेक बार मिला है| मैंने पहले…