Skip to content

SamaySakshi

A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
    • Activity
    • Members
    • Sample Page
    • Sample Page
    • Sample Page
    • About
    • Contact
  • 25th Nov 2025

    हमसे अदावतों की!

    पीछे पड़ा है सब के जो परछाइयों का पाप,हम से अदावतों की वो आदत भी ले न जाए| शीन काफ़ निज़ाम

  • 25th Nov 2025

    पुरखों से जो मिली!

    पुरखों से जो मिली है वो दौलत भी ले न जाए,ज़ालिम हवा-ए-शहर है इज़्ज़त भी ले न जाए| शीन काफ़ निज़ाम

  • 25th Nov 2025

    उसी मालिक ने मुझे भी तो मोहब्बत दी है!

    अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज मैं अपने स्वर में मुकेश जी का गाया दीवाना फिल्म का यह गाना प्रस्तुत कर रहा हूँ- ए सनम जिसने तुझे चांद सी सूरत दी है,उसी मालिक ने मुझे भी तो मोहब्बत दी है। आशा है आपको पसंद आएगा,धन्यवाद ।

  • 25th Nov 2025

    ज़िंदा रहना है तो!

    मत सिखा लहजे को अपनी बर्छियों के पैंतरे,ज़िंदा रहना है तो लहजे को ज़रा मा’सूम कर| राहत इंदौरी

  • 25th Nov 2025

    जाऊंगा कहाँ!

    आज एक बार फिर मैं श्रेष्ठ हिंदी कवि स्वर्गीय केदार नाथ सिंह जी की एक रचना शेयर कर रहा हूँ। इनकी बहुत सी रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं। लीजिए आज प्रस्तुत है स्वर्गीय केदार नाथ सिंह जी की यह कविता- जाऊंगा कहाँरहूँगा यहीं किसी किवाड़ परहाथ के निशान की तरहपड़ा रहूँगा किसी पुराने…

  • 24th Nov 2025

    आज फिर निकला हूँ!

    शाम तक लौट आऊँगा हाथों का ख़ाली-पन लिए,आज फिर निकला हूँ मैं घर से हथेली चूम कर| राहत इंदौरी

  • 24th Nov 2025

    जागती आँखों के!

    जागती आँखों के ख़्वाबों को ग़ज़ल का नाम दे,रात भर की करवटों का ज़ाइक़ा मंज़ूम कर| राहत इंदौरी

  • 24th Nov 2025

    टूट कर बिखरी हुई!

    टूट कर बिखरी हुई तलवार के टुकड़े समेट,और अपने हार जाने का सबब मा’लूम कर| राहत इंदौरी

  • 24th Nov 2025

    रास्ते के पत्थरों से!

    ज़िंदगी को ज़ख़्म की लज़्ज़त से मत महरूम कर,रास्ते के पत्थरों से ख़ैरियत मा’लूम कर| राहत इंदौरी

  • 24th Nov 2025

    क़दम ये हम ने!

    महा-बली से बग़ावत बहुत ज़रूरी है,क़दम ये हम ने समझ सोच कर उठाया है| राहत इंदौरी

←Previous Page
1 … 92 93 94 95 96 … 1,376
Next Page→

Blog at WordPress.com.

Privacy & Cookies: This site uses cookies. By continuing to use this website, you agree to their use.
To find out more, including how to control cookies, see here: Cookie Policy
  • Subscribe Subscribed
    • SamaySakshi
    • Join 1,143 other subscribers.
    • Already have a WordPress.com account? Log in now.
    • SamaySakshi
    • Subscribe Subscribed
    • Sign up
    • Log in
    • Report this content
    • View site in Reader
    • Manage subscriptions
    • Collapse this bar