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दश्त से ज़िंदा निकले!
वर्ना हम कब के चटानों में फँसे मर जाते,पाँव काटे तो तिरे दश्त से ज़िंदा निकले| इब्राहीम अली ज़ीशान
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मोहब्बत एक खुशबू है, हमेशा साथ चलती है!
मेरे यूट्यूब चैनल के माध्यम से प्रस्तुत है मेरे स्वर में बशीर बद्र जी का एक और शेर – आशा है आपको यह पसंद आएगा,धन्यवाद। *****
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मोहब्बत का नतीजा निकले!
तू मुझे याद करे ऐसा तरीक़ा निकले,मेरी यक-तरफ़ा मोहब्बत का नतीजा निकले इब्राहीम अली ज़ीशान
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ये नयन डरे-डरे, ये जाम भरे-भरे!
मेरे यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज प्रस्तुत है मेरे स्वर में फिल्म-कोहरा का गीत जिसे कैफी आज़मी जी ने लिखा था और हेमंत कुमार जी ने अपने ही संगीत निर्देशन में गाया था- आशा है आपको यह पसंद आएगा,धन्यवाद। *****
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जब नींद नहीं आती होगी!
आज मैं श्रेष्ठ हिंदी कवि स्वर्गीय रामेश्वर शुक्ल अंचल जी की एक रचना शेयर कर रहा हूँ। अंचल जी की कुछ रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं। आज प्रस्तुत है स्वर्गीय रामेश्वर शुक्ल अंचल जी की यह कविता – क्या तुम भी सुधि से थके प्राण ले-लेकर अकुलाती होगी!जब नींद नहीं आती होगी! दिनभर…
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कोई ग़म से निबाह ले!
ख़ुशियाँ बटोर कर जिए इस में कमाल क्या,इस में कमाल है कोई ग़म से निबाह ले| मंगल नसीम
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आदमी जो चाहे चाह ले!
लिक्खा है जो नसीब में मिलता वही है दोस्त,यूँ चाहने को आदमी जो चाहे चाह ले| मंगल नसीम
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हज़ारों शेर मेरे सो गए कागज़ की कब्रों में!
मेरे यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज प्रस्तुत है मेरे स्व र में बशीर बद्र जी का एक और शेर – आशा है आपको यह पसंद आएगा,धन्यवाद। *****
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ले और अपने सर पे तू !
ठहरा दिया न तुझ को ही सब ने गुनाहगार,ले और अपने सर पे तू सब के गुनाह ले| मंगल नसीम