Skip to content

SamaySakshi

A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
    • Activity
    • Members
    • Sample Page
    • Sample Page
    • Sample Page
    • About
    • Contact
  • 3rd Jun 2026

    सुहाना सफर और ये मौसम हसीं!

    मेरे यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज प्रस्तुत है मेरे स्वर में फिल्म मधुमती का यह गीत- सुहाना सफर और ये मौसम हसीं! दिलीप कुमार जी पर फिल्माया गया मुकेश जी कायह गीत संगीत प्रेमियों की कई पीढ़ियों से लोकप्रिय है। कलाकार- दिलीप कुमार, वैजयंतीमाला, प्राण आदिफ़िल्म- मधुमतीगीतकार – शैलेंद्रसंगीतकार- सलिल चौधरीगायक- मुकेशप्रस्तुति- श्रीकृष्ण शर्मा…

  • 3rd Jun 2026

    हमारा टेडी बीयर!

    आज काफी समय बाद मेरी एक रचना हल्के-फुल्के मूड में प्रस्तुत है- अब घर के कोने में जा बैठा है यह बबुआजिसे प्यार से हम सब टेडी बीयर कहते थे। अब वह प्यार नहीं इसके हिस्से में आता हैजो कुछ होता उसको बसतकता रह जाता है, एक समय था जब यह भीबिस्तर पर सोता था,इसकी…

  • 2nd Jun 2026

    क़ातिल कोई दुश्मन नहीं है!

    मैं अपने दोस्तों के सदक़े लेकिन,मिरा क़ातिल कोई दुश्मन नहीं है| मंगल नसीम

  • 2nd Jun 2026

    मन को भी दिखला सके जो!

    किसी के मन को भी दिखला सके जो,कहीं ऐसा कोई दर्पन नहीं है| मंगल नसीम

  • 2nd Jun 2026

    बड़े लोगों से मिलने में हमेशा फासला रखना!

    मेरे यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज प्रस्तुत है मेरे स्वर में बशीर बद्र जी का एक और खूबसूरत शेर आशा है आपको यह पसंद आएगा,धन्यवाद। ******

  • 2nd Jun 2026

    अपना-पन नहीं है!

    मुझे तुम ग़ैर भी क्यों कह रहे हो,भला क्या ये भी अपना-पन नहीं है| मंगल नसीम

  • 2nd Jun 2026

    धीरे धीरे बोल कोई सुन ना ले!

    मेरे यूट्यूब चैनल के माध्यम से प्रस्तुत है मेरे स्वर में यह गीत- धीरे धीरे बोल कोई सुन ना ले!मुख्य कलाकार- राजेन्द्र कुमार, हेमा मालिनीफ़िल्म- गोरा और कालागीतकार- आनंद बक्षीसंगीतकार- लक्ष्मीकांत प्यारेलालगायक- मुकेश- लता मंगेशकरप्रस्तुति- श्रीकृष्ण शर्मा आशा है आपको यह पसंद आएगा,धन्यवाद । *****

  • 2nd Jun 2026

    कोई उलझन नहीं है!

    मैं अपने आप को सुलझा रहा हूँ,तुम्हें ले कर कोई उलझन नहीं है| मंगल नसीम

  • 2nd Jun 2026

    आनेवाला खतरा!

    आज मैं श्रेष्ठ हिंदी कवि और समाचार पत्रिका ‘दिनमान’ के संपादक रहे स्वर्गीय रघुवीर सहाय जी की एक रचना शेयर कर रहा हूँ। रघुवीर सहाय जी की कुछ रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं। आज प्रस्तुत है स्वर्गीय रघुवीर सहाय जी की यह कविता – इस लज्जित और पराजित युग मेंकहीं से ले आओ…

  • 1st Jun 2026

    अब वो मन नहीं है!

    नहीं हम में कोई अन-बन नहीं है,बस इतना है कि अब वो मन नहीं है| मंगल नसीम

←Previous Page
1 … 91 92 93 94 95 … 1,524
Next Page→

Blog at WordPress.com.

Privacy & Cookies: This site uses cookies. By continuing to use this website, you agree to their use.
To find out more, including how to control cookies, see here: Cookie Policy
  • Subscribe Subscribed
    SamaySakshi
    Join 1,136 other subscribers.

    Have a WordPress.com account? Log in now.

  • SamaySakshi
    View site in Reader
    Manage subscriptionsSign upLog in
    Report this content
    Collapse this bar