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SamaySakshi

A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
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  • 2nd Feb 2026

    सर्कस में बंदर!

    अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से मैं आज अपने स्वर में शैल चतुर्वेदी जी की एक हास्य कविता का अंश प्रस्तुत कर रहा हूँ 9युट्यूब शॉर्ट में एक मिनट की समय सीमा होती है इसीलिए अंश प्रस्तुत कर पाते हैं)- – आशा है आपको यह पसंद आएगा, धन्यवाद । ******

  • 2nd Feb 2026

    देवालय हो या!

    देवालय हो या मदिरालय,जहाँ गए जाकर पछताए । बाल स्वरूप राही

  • 2nd Feb 2026

    जग में सच्चे सुख की!

    झूठे जग में सच्चे सुख की,क्या तो कोई आस लगाए । बाल स्वरूप राही

  • 2nd Feb 2026

    इतनी मुद्दत बाद मिले हो!

    अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज मैं मोहसिन नक़वी जी की लिखी एक प्रसिद्ध ग़ज़ल अपने स्वर में प्रस्तुत कर रहा हूँ जिसे गुलाम अली जी ने गाया है- इतनी मुद्दत बाद मिले हो, किन सोचों में गुम रहते हो! आशा है आपको यह पसंद आएगी, धन्यवाद। *******

  • 2nd Feb 2026

    ज्ञान ध्यान कुछ काम न आए!

    ज्ञान ध्यान कुछ काम न आए,हम तो जीवन-भर अकुलाए । बाल स्वरूप राही

  • 2nd Feb 2026

    मेरे देश की आँखें!

    आज मैं हिंदी साहित्य के प्रत्येक क्षेत्र में अपना अनूठा योगदान करने वाले श्रेष्ठ कवि स्वर्गीय सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायनजी अज्ञेय जी की एक रचना शेयर कर रहा हूँ। अज्ञेय जी की बहुत सी रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं। लीजिए आज प्रस्तुत है अज्ञेय जी की यह कविता– नहीं, ये मेरे देश की आँखें…

  • 1st Feb 2026

    सेहत-ए-दिल जो!

    रूह को रोग मोहब्बत का लगा देती हैं,सेहत-ए-दिल जो अता करती हैं बीमार आँखें| अली सरदार जाफ़री

  • 1st Feb 2026

    पिंदार-ए-जवानी!

    इशवा-ओ-ग़मज़ा-ओ-अंदाज़-ओ-अदा पर नाज़ाँ,अपने पिंदार-ए-जवानी की परस्तार आँखें| अली सरदार जाफ़री

  • 1st Feb 2026

    मुखड़े पे चमकते तारे!

    हुस्न के चाँद से मुखड़े पे चमकते तारे,हाए आँखें वो हरीफ़-ए-लब-ओ-रुख़सार आँखें| अली सरदार जाफ़री

  • 1st Feb 2026

    सीस पगा न झगा तन में!

    अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से मैं अपने स्वर में नरोत्तम दास जी द्वारा लिखित- सुदामा चरित की कुछ पंक्तियां प्रस्तुत कर रहा हूँ- सीस पगा न झगा तन में , प्रभु जाने को आई बसे केहि ग्रामा! आशा है आपको यह पसंद आएगा,धन्यवाद। *****

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