अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज मैं मोहसिन नक़वी जी की लिखी एक प्रसिद्ध ग़ज़ल अपने स्वर में प्रस्तुत कर रहा हूँ जिसे गुलाम अली जी ने गाया है-
इतनी मुद्दत बाद मिले हो, किन सोचों में गुम रहते हो!
आशा है आपको यह पसंद आएगी,
धन्यवाद।
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