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नववर्ष – 2023!
आज एक पुरानी पोस्ट को थोड़ा एडिट करके फिर से शेयर कर रहा हूँ| नया साल शुरू हो चुका है। यह समय होता था जब हम महसूस करते थे कड़ाके की ठंड, विज़िबिलिटी और गाड़ियों की रफ्तार भी बहुत कम हो जाती थी। आप शायद कहेंगे कि ऐसा तो अभी भी हो रहा है। हाँ…
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आँखें न झुकें किसी ग़ैर के आगे!
आँखें न झुकें तेरी किसी ग़ैर के आगे, दुनिया में बड़ी चीज़ मेरी जान हैं आँखें| साहिर लुधियानवी
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सच झूठ की पहचान हैं आँखें!
लब कुछ भी कहें इस से हक़ीक़त नहीं खुलती, इंसान के सच झूठ की पहचान हैं आँखें| साहिर लुधियानवी
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अंजान हैं हम तुम अगर–
आँखें ही मिलाती हैं ज़माने में दिलों को, अंजान हैं हम तुम अगर अंजान हैं आँखें| साहिर लुधियानवी
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‘पालोलिम बीच’, नए साल का जश्न!
वाराणसी, लखनऊ और अयोध्या यात्रा का विवरण मैंने शेयर किया था और इत्तफाक से इस यात्रा से लौटने के दो दिन बाद ही गोवा में ही पालोलिम बीच जाने का प्रोग्राम बन गया| बड़ा बेटा लंदन से आया हुआ है सो उसके लिए कम समय में भारत के अधिक सुंदर और महत्वपूर्ण स्थानों को फिर…
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बड़ी कोई तराज़ू नहीं होती!
आँखों से बड़ी कोई तराज़ू नहीं होती, तुलता है बशर जिस में वो मीज़ान हैं आँखें| साहिर लुधियानवी
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लखनऊ, अयोध्या यात्रा-3
वाराणसी यात्रा का विवरण मैंने शेयर किया था और उसमें लखनऊ पहुँचने और वहाँ एक होटल में रुकने का उल्लेख भी किया था, लखनऊ पहुँचने पर शाम हो गई थी अतः उस दिन अन्य किसी गतिविधि के लिए समय नहीं था| हाँ अगले दिन अयोध्या जाने के लिए टैक्सी की व्यवस्था की और हम सो…
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कभी शो’ला कभी तूफ़ान हैं आँखें!
हर तरह के जज़्बात का एलान हैं आँखें, शबनम कभी शो’ला कभी तूफ़ान हैं आँखें| साहिर लुधियानवी
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वाराणसी, लखनऊ यात्रा-2
मैंने यात्रा से वापस लौटने के बाद एक ब्लॉग पोस्ट लिखी थी वाराणसी, लखनऊ आदि की यात्रा के बारे में, उसका एक भाग लिखने के बाद यहाँ गोवा में ही, पालोलिम बीच तक 2-3 दिन की आउटिंग पर जाने का प्रोग्राम बन गया, इसलिए उस यात्रा का विवरण अधूरा रह गया| अब संक्षेप में उस…
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राज़ है तेरा जो छुपा है मुझसे!
अब मिरे क़त्ल की तदबीर तो करनी होगी, कौन सा राज़ है तेरा जो छुपा है मुझसे| जाँ निसार अख़्तर