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अनाड़ी, दीवाना!
आज एक बार फिर से मैं अपनी पुरानी ब्लॉग पोस्ट दोहरा रहा हूँ| हाल ही में मैंने अपने प्रिय गायक मुकेश जी की पुण्य तिथि पर उनका एक गीत शेयर किया था| आज मन है कि स्वर्गीय राज कपूर जी के साथ उनके अंतरंग संबंध को याद करूं| राजकपूर जी के अधिकांश गाने मुकेश जी…
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लता!
आज एक बार फिर मैं अज्ञेय जी द्वारा संपादित सप्तकों में से एक महिला कवि की रचना शेयर कर रहा हूँ| स्वर्गीया कीर्ति चौधरी जी की ‘तीसरा सप्तक’ में शामिल एक कविता आज प्रस्तुत है| कीर्ति जी की इस कविता में पुष्पगुच्छों से युक्त एक लता के प्रति सहज आकर्षण का चित्रण किया गया है|…