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SamaySakshi

A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
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  • 10th Feb 2026

    तुम्हीं याद आए!

    तुम्हीं याद आए भुलाने से पहिले,भुलाने से क्या भूल जाने से पहिले। बलबीर सिंह रंग

  • 10th Feb 2026

    अलविदा श्रद्धेय!

    आज एक बार फिर मैं श्रेष्ठ हिंदी कवि स्वर्गीय कुंवर नारायण जी की एक रचना शेयर कर रहा हूँ। इनकी बहुत सी रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं। लीजिए आज प्रस्तुत है स्वर्गीय कुंवर नारायण जी की यह कविता– अबकी बार लौटा तोबृहत्तर लौटूँगाचेहरे पर लगाए नोकदार मूँछें नहींकमर में बाँधे लोहे की पूँछें…

  • 9th Feb 2026

    हीर से बातें की हैं!

    कै़स की लैला या फरहाद की शीरी कह लो,हम नहीं राँझा मगर हीर से बातें की हैं। बलबीर सिंह रंग

  • 9th Feb 2026

    जबकि जल्लाद की!

    मौत के डर से मैं खामोश रहूँ, लानत है,जबकि जल्लाद की शमशीर से बातें की हैं। बलबीर सिंह रंग

  • 9th Feb 2026

    तेरे दीदार की क्या!

    तेरे दीदार की क्या ख़ाक तमन्ना होगी,ज़िन्दगी भर तेरी तस्वीर से बातें की हैं। बलबीर सिंह रंग

  • 9th Feb 2026

    प्रिये- पत्नी का शरारती सौंदर्य विवरण

    अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज मैं जैमिनी हरियाणवी जी की यह हास्य कविता प्रस्तुत कर रहा हूँ जिसमें पत्नी का शरारती सौंदर्य वर्णन किया गया है- आशा है आपको यह पसंद आएगा, धन्यवाद । ******

  • 9th Feb 2026

    तक़दीर से बातें की हैं!

    हमने तन्हाई में जंज़ीर से बातें की हैं,अपनी सोई हुई तक़दीर से बातें की हैं। बलबीर सिंह रंग

  • 9th Feb 2026

    बात निकलेगी तो फिर

    अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज मैं अपने स्वर में जगजीत सिंह जी की गायी हुई यह नज़्म प्रस्तुत कर रहा हूँ- बात निकलेगी तो फिर दूर तलक जाएगी! आशा है आपको यह पसंद आएगी,धन्यवाद। ******

  • 9th Feb 2026

    पर्वत से छन कर झरता है पानी!

    आज एक बार फिर मैं हिंदी नवगीत के शिखर पुरुष स्वर्गीय शंभुनाथ सिंह जी की एक रचना शेयर कर रहा हूँ। शंभुनाथ जी की बहुत सी रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं। लीजिए आज प्रस्तुत है स्वर्गीय शंभुनाथ सिंह जी का यह नवगीत– पर्वत से छन कर झरता है पानी,जी भर कर पियोऔर पियो…

  • 8th Feb 2026

    बन जाए अगर बात!

    बन जाए अगर बात तो सब कहते हैं क्या क्या, और बात बिगड़ जाए तो क्या क्या नहीं कहते| नवाज़ देवबंदी

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