Skip to content

SamaySakshi

A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
    • Activity
    • Members
    • Sample Page
    • Sample Page
    • Sample Page
    • About
    • Contact
  • 17th Sep 2023

     उसने यह निर्णय क्यों लिया – रवींद्रनाथ ठाकुर

    आज फिर से पुरानी ब्लॉग पोस्ट को दोहराने का दिन है, लीजिए प्रस्तुत है यह पोस्ट| आज मैं फिर से भारत के नोबल पुरस्कार विजेता कवि गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की एक और कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित जिस कविता का भावानुवाद है, उसे अनुवाद के बाद…

  • 16th Sep 2023

    कोई और रात-रानी में!

    चमकता रहता है सूरज-मुखी में कोई और. महक रहा है कोई और रात-रानी में| राहत इंदौरी

  • 16th Sep 2023

    हिसाब कौन रखे!

    अब इतनी सारी शबों का हिसाब कौन रखे, बड़े सवाब* कमाए गए जवानी में| *फल (कर्मों के) राहत इंदौरी

  • 16th Sep 2023

    तुम्हारा ज़िक्र नहीं है!

    ये कोई और ही किरदार है तुम्हारी तरह, तुम्हारा ज़िक्र नहीं है मिरी कहानी में| राहत इंदौरी

  • 16th Sep 2023

    नदी ने धूप से क्या!

    नदी ने धूप से क्या कह दिया रवानी में, उजाले पाँव पटकने लगे हैं पानी में| राहत इंदौरी

  • 16th Sep 2023

    दिए पलकों पे रक्खे थे!

    सहर तक तुम जो आ जाते तो मंज़र देख सकते थे, दिए पलकों पे रक्खे थे शिकन बिस्तर पे रक्खी थी| राहत इंदौरी

  • 16th Sep 2023

    सागर तट!

    आज एक बार फिर मैं हिन्दी में कवियों के कवि कहलाने वाले स्वर्गीय शमशेर बहादुर सिंह जी की एक कविता शेयर कर रहा हूँ| शमशेर जी की कुछ रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं| लीजिए आज प्रस्तुत कर रहा हूँ स्वर्गीय शमशेर बहादुर सिंह जी की यह कविता – यह समन्दर की पछाड़          तोड़ती है…

  • 15th Sep 2023

    हमें वो दिन दिखाए थे!

    इन्हीं साँसों के चक्कर ने हमें वो दिन दिखाए थे, हमारे पाँव की मिट्टी हमारे सर पे रक्खी थी| राहत इंदौरी

  • 15th Sep 2023

    मैं अपना अज़्म लेकर!

    मैं अपना अज़्म* लेकर मंज़िलों की सम्त निकला था, मशक़्क़त हाथ पे रक्खी थी क़िस्मत घर पे रक्खी थी| *संकल्प राहत इंदौरी

  • 15th Sep 2023

    तुम्हारी याद थी जो!

    हमारे ख़्वाब तो शहरों की सड़कों पर भटकते थे, तुम्हारी याद थी जो रात भर बिस्तर पे रक्खी थी| राहत इंदौरी

←Previous Page
1 … 860 861 862 863 864 … 1,531
Next Page→

Blog at WordPress.com.

Privacy & Cookies: This site uses cookies. By continuing to use this website, you agree to their use.
To find out more, including how to control cookies, see here: Cookie Policy
  • Subscribe Subscribed
    SamaySakshi
    Join 1,133 other subscribers.

    Have a WordPress.com account? Log in now.

  • SamaySakshi
    View site in Reader
    Manage subscriptionsSign upLog in
    Report this content
    Collapse this bar