Skip to content

SamaySakshi

A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
    • Activity
    • Members
    • Sample Page
    • Sample Page
    • Sample Page
    • About
    • Contact
  • 21st Oct 2023

    गई बात छेड़ देती है!

    मैं चुप कराता हूँ हर शब उमडती बारिश को, मगर ये रोज़ गई बात छेड़ देती है| गुलज़ार

  • 21st Oct 2023

    टाँके उधेड़ देती है!

    हवा के सींग न पकड़ो खदेड़ देती है, ज़मीं से पेड़ों के टाँके उधेड़ देती है| गुलज़ार

  • 21st Oct 2023

    वनवास का क्षेत्र- रवींद्रनाथ ठाकुर

    आज फिर से पुरानी ब्लॉग पोस्ट को दोहराने का दिन है, लीजिए प्रस्तुत है यह पोस्ट| आज मैं फिर से भारत के नोबल पुरस्कार विजेता कवि  गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की एक और कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित जिस कविता का भावानुवाद है, उसे अनुवाद के बाद…

  • 20th Oct 2023

    न पता जाने का!

    किस को रोके कोई रस्ते में कहाँ बात करे, न तो आने की ख़बर है न पता जाने का| गुलज़ार

  • 20th Oct 2023

    मीठा तिरा अंदाज़ था!

    मैंने अल्फ़ाज़ तो बीजों की तरह छाँट दिए, ऐसा मीठा तिरा अंदाज़ था फ़रमाने का| गुलज़ार

  • 20th Oct 2023

    बुलबुला फिर से चला!

    बुलबुला फिर से चला पानी में ग़ोते खाने, न समझने का उसे वक़्त न समझाने का| गुलज़ार

  • 20th Oct 2023

    इक ख़ौफ़ सा गुज़रा है!

    एक सन्नाटा दबे-पाँव गया हो जैसे, दिल से इक ख़ौफ़ सा गुज़रा है बिछड़ जाने का| गुलज़ार

  • 20th Oct 2023

    ज़िक्र होता है जहाँ भी!

    ज़िक्र होता है जहाँ भी मिरे अफ़्साने का, एक दरवाज़ा सा खुलता है कुतुब-ख़ाने* का| *Library गुलज़ार

  • 20th Oct 2023

    जीवन उखड़ा-सा नाखून!

    आज एक बार फिर मैं एक श्रेष्ठ कवि और नवगीतकार तथा मेरे लिए गुरुतुल्य रहे स्वर्गीय कुँवर बेचैन जी का एक नवगीत शेयर कर रहा हूँ| बेचैन जी की बहुत सी रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं| लीजिए आज प्रस्तुत है स्वर्गीय कुँवर बेचैन जी का यह नवगीत – जीवन’उखड़ा-सा नाखूनसमय कीचोट लगी उंगली…

  • 19th Oct 2023

    उठ के न जाओ यारो!

    और कुछ देर तुम्हें देख के जी लूँ ठहरो, मेरी बालीं *से अभी उठ के न जाओ यारो| *सिरहाना जाँ निसार अख़्तर

←Previous Page
1 … 836 837 838 839 840 … 1,531
Next Page→

Blog at WordPress.com.

Privacy & Cookies: This site uses cookies. By continuing to use this website, you agree to their use.
To find out more, including how to control cookies, see here: Cookie Policy
  • Subscribe Subscribed
    SamaySakshi
    Join 1,133 other subscribers.

    Have a WordPress.com account? Log in now.

  • SamaySakshi
    View site in Reader
    Manage subscriptionsSign upLog in
    Report this content
    Collapse this bar