Skip to content

SamaySakshi

A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
    • Activity
    • Members
    • Sample Page
    • Sample Page
    • Sample Page
    • About
    • Contact
  • 14th Feb 2026

    रेन-बसेरे थे क्या हुए!

    ऊँची इमारतें तो बड़ी शानदार हैं,लेकिन यहाँ तो रेन-बसेरे थे क्या हुए| शीन काफ़ निज़ाम

  • 14th Feb 2026

    दालान पूछते हैं कि !

    खम्बों पे ला के किस ने सितारे टिका दिए,दालान पूछते हैं कि दीवाने क्या हुए| शीन काफ़ निज़ाम

  • 14th Feb 2026

    एक प्यार का नग़मा है!

    अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज मैं अपने स्वर में फिल्म-शोर के लिए मुकेश जी और लता जी का गाया गीत प्रस्तुत कर रहा हूँ जिसे संतोषानंद जी ने लिखा था और इसका संगीत लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल की जोडी ने दिया था- एक प्यार का नग़मा है, मौजों की रवानी है, ज़िंदगी और कुछ भी नहीं,…

  • 14th Feb 2026

    पालतू!

    आज एक बार फिर मैं श्रेष्ठ हिंदी कवि स्वर्गीय प्रभाकर माचवे जी की एक रचना शेयर कर रहा हूँ। माचवे जी की कुछ रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं। लीजिए आज प्रस्तुत है स्वर्गीय प्रभाकर माचवे जी की यह कविता– पहले उस ने पाले कुछ पिल्लेबडे हुए, भाग गये;पाली कुछ बिल्लियाँ, वेदोस्तों को दे…

  • 13th Feb 2026

    किसने मिटा दिए हैं!

    किस ने मिटा दिए हैं फ़सीलों के फ़ासले, वाबस्ता जो थे हम से वो अफ़्साने क्या हुए| शीन काफ़ निज़ाम

  • 13th Feb 2026

    शोख़ परिंदे थे क्या हुए!

    मुमकिन है कट गए हों वो मौसम की धार से,उन पर फुदकते शोख़ परिंदे थे क्या हुए| शीन काफ़ निज़ाम

  • 13th Feb 2026

    बस्ती में चार चाँद से !

    ख़ामोश क्यूँ हो कोई तो बोलो जवाब दो,बस्ती में चार चाँद से चेहरे थे क्या हुए| शीन काफ़ निज़ाम

  • 13th Feb 2026

    क्या जाने क्या हुए!

    जिन से अँधेरी रातों में जल जाते थे दिए,कितने हसीन लोग थे क्या जाने क्या हुए| शीन काफ़ निज़ाम

  • 13th Feb 2026

    वो जागती जबीनें!

    वो जागती जबीनें कहाँ जा के सो गईं,वो बोलते बदन जो सिमटते थे क्या हुए| शीन काफ़ निज़ाम

  • 13th Feb 2026

    न तो संज्ञा हैं हम!

    अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज मैं स्वर्गीया इंदुमति कौशिक जी के एक गीत की कुछ पंक्तियां अपने स्वर में प्रस्तुत कर रहा हूँ जिनमें व्याकरण के बहाने यह बताया गया है कि आम आदमी किसी गिनती में नहीं आता- न तो संज्ञा हैं हम न विशेषणबस यही व्याकरण है हमारा! आशा है आपको…

←Previous Page
1 … 81 82 83 84 85 … 1,431
Next Page→

Blog at WordPress.com.

Privacy & Cookies: This site uses cookies. By continuing to use this website, you agree to their use.
To find out more, including how to control cookies, see here: Cookie Policy
  • Subscribe Subscribed
    • SamaySakshi
    • Join 1,132 other subscribers.
    • Already have a WordPress.com account? Log in now.
    • SamaySakshi
    • Subscribe Subscribed
    • Sign up
    • Log in
    • Report this content
    • View site in Reader
    • Manage subscriptions
    • Collapse this bar