Skip to content

SamaySakshi

A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
    • Activity
    • Members
    • Sample Page
    • Sample Page
    • Sample Page
    • About
    • Contact
  • 9th Nov 2023

    तुम जो ग़ुल मचाते हो!

    कहा जो हम ने ”हमें दर से क्यूँ उठाते हो”, कहा कि ”इस लिए तुम याँ जो ग़ुल मचाते हो”| नज़ीर अकबराबादी

  • 9th Nov 2023

    ऐसे दीवाने को हम!

    बाग़ में लगता नहीं सहरा से घबराता है दिल, अब कहाँ ले जा के बैठें ऐसे दीवाने को हम| नज़ीर अकबराबादी

  • 9th Nov 2023

    आब और दाने को हम!

    हम को फँसना था क़फ़स में क्या गिला सय्याद का, बस तरसते ही रहे हैं आब और दाने को हम| नज़ीर अकबराबादी

  • 9th Nov 2023

    ग़म खाने को हम!

    क्यूँ नहीं लेता हमारी तू ख़बर ऐ बे-ख़बर, क्या तिरे आशिक़ हुए थे दर्द-ओ-ग़म खाने को हम| नज़ीर अकबराबादी

  • 9th Nov 2023

    दिल में आता है लगा दें

    मय भी है मीना भी है साग़र भी है साक़ी नहीं, दिल में आता है लगा दें आग मय-ख़ाने को हम| नज़ीर अकबराबादी

  • 9th Nov 2023

    बस तरसते ही चले!

    दूर से आए थे साक़ी सुन के मय-ख़ाने को हम, बस तरसते ही चले अफ़्सोस पैमाने को हम| नज़ीर अकबराबादी

  • 9th Nov 2023

    गीतों से पहले!

    आज मैं हिन्दी के एक विख्यात नवगीतकार श्री रवींद्र भ्रमर जी की एक रचना शेयर कर रहा हूँ| भ्रमर जी की अधिक रचनाएं शायद मैंने पहले शेयर नहीं की हैं| लीजिए आज प्रस्तुत है श्री रवींद्र भ्रमर जी का यह गीत – पँछी में गाने का गुन हैदो तिनके चुनकरवह तृप्त जहाँ होता हैगीतों की…

  • 8th Nov 2023

    काग़ज़ बिखर रहे हैं!

    किस तरह जम्अ‘ कीजिए अब अपने आपको, काग़ज़ बिखर रहे हैं पुरानी किताब के| आदिल मंसूरी

  • 8th Nov 2023

    चमकते सराब के!

    बस तिश्नगी की आँख से देखा करो उन्हें, दरिया रवाँ-दवाँ हैं चमकते सराब* के| *रेगिस्तान में जल का आभास (मृग जल) आदिल मंसूरी

  • 8th Nov 2023

    जाले थे ख़्वाब के!

    सोए तो दिल में एक जहाँ जागने लगा, जागे तो अपनी आँख में जाले थे ख़्वाब के| आदिल मंसूरी

←Previous Page
1 … 822 823 824 825 826 … 1,531
Next Page→

Blog at WordPress.com.

Privacy & Cookies: This site uses cookies. By continuing to use this website, you agree to their use.
To find out more, including how to control cookies, see here: Cookie Policy
  • Subscribe Subscribed
    SamaySakshi
    Join 1,133 other subscribers.

    Have a WordPress.com account? Log in now.

  • SamaySakshi
    View site in Reader
    Manage subscriptionsSign upLog in
    Report this content
    Collapse this bar