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SamaySakshi

A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
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  • 22nd Jun 2026

    सजनवा बैरी हो गए हमार!

    मेरे यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज प्रस्तुत है मेरे स्वर में यह गीत- सजनवा बैरी हो गए हमार, चिठिया हो तो हर कोई बांचे, भाग न बांचे कोय!फिल्म- तीसरी कसममुख्य कलाकार- राज कपूर, वहीदा रहमानफिल्म निर्माता और गीतकार- शैलेंद्रसंगीतकार- शंकर जयकिशनगायक- मुकेशप्रस्तुति- श्रीकृष्ण शर्मा आशा है आपको यह पसंद आएगा,धन्यवाद। ******

  • 22nd Jun 2026

    ऊब जाता हूँ ख़मोशी से!

    ऊब जाता हूँ ख़मोशी से भी कुछ देर के बाद,देर तक शोर मचाना भी बुरा लगता है। शकील आज़मी

  • 22nd Jun 2026

    पेट का सवाल है!

    आज मैं श्रेष्ठ हिंदी हास्य कवि स्वर्गीय शैल चतुर्वेदी जी की रचना शेयर कर रहा हूँ। शैल जी की कुछ रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं। आज प्रस्तुत हैं स्वर्गीय शैल चतुर्वेदी जी की यह हास्य कविता – बीस साल पहलेहमने कोशिश कीहमें भी मिलेकोई नौकरी अच्छी-सीइसी आशा में दे दीदरख़्वास्तएम्पलायमेंट एक्सचेंज मेंबीस साल…

  • 21st Jun 2026

    तू नहीं है तो ज़माना भी!

    फूल का शाख़ पे आना भी बुरा लगता है,तू नहीं है तो ज़माना भी बुरा लगता है। शकील आज़मी

  • 21st Jun 2026

    प्यार का बनके निगहबान तुझे चाहूंगा!

    मेरे यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज प्रस्तुत है मेरे स्वर में मेहदी हसन जी के गाए गीत ‘ज़िंदगी में तो सभी प्यार किया करते हैं’ का अगला भाग –प्यार का बनके निगहबान तुझे चाहूंगा! आशा है आपको यह पसंद आएगा, धन्यवाद। ******

  • 21st Jun 2026

    काएनात रह जाए!

    मैं डूब जाऊँ समुंदर की तेज़ लहरों में,किनारे रक्खी हुई काएनात रह जाए। शकील आज़मी

  • 21st Jun 2026

    संसार है एक नदिया!

    मेरे यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज प्रस्तुत है मेरे स्वर में यह गीत- संसार है एक नदिया सुख दुख दो किनारे हैं!फ़िल्म- रफ़्तारमुख्य कलाकार- मौसमी चटर्जी, विनोद मेहरा, डैनीगीतकार- अभिलाषसंगीतकार- सोनिक ओमीगायक- मुकेश, आशा भोसलेप्रस्तुति- श्रीकृष्ण शर्मा आशा है आपको यह पसंद आएगा,धन्यवाद। ******

  • 21st Jun 2026

    चढ़ गया दिल पर इशारों का नशा!

    आज मैं श्रेष्ठ हिंदी कवि स्वर्गीय शेरजंग गर्ग जी की रचना शेयर कर रहा हूँ।शेरजंग जी की कुछ रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं। आज प्रस्तुत हैं स्वर्गीय शेरजंग गर्ग जी का यह गीत – उनके कहने से गुनहगार हुए बैठे हैं,उनकी ख़ातिर ही सज़ावार हुए बैठे हैं ।एक कारण है महज़ अपनी मुस्कराहट…

  • 20th Jun 2026

    आँखों में रात रह जाए!

    मैं सो रहा हूँ तिरे ख़्वाब देखने के लिए, ये आरज़ू है कि आँखों में रात रह जाए। शकील आज़मी

  • 20th Jun 2026

    बिछड़ भी जाएँ तो!

    कुछ इस तरह से मिलें हम कि बात रह जाए,बिछड़ भी जाएँ तो हाथों में हाथ रह जाए। शकील आज़मी

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