Skip to content

SamaySakshi

A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
    • Activity
    • Members
    • Sample Page
    • Sample Page
    • Sample Page
    • About
    • Contact
  • 15th Jun 2023

    चराग़ राह में जल गए!

    मुझे सहल हो गईं मंज़िलें वो हवा के रुख़ भी बदल गए, तिरा हाथ हाथ में आ गया कि चराग़ राह में जल गए| मजरूह सुल्तानपुरी

  • 15th Jun 2023

    उट्ठा है तिरी बज़्म से!

    वही ‘मजरूह’ वही शाइर-ए-आवारा-मिज़ाज, कोई उट्ठा है तिरी बज़्म से दिल-गीर न देख| मजरूह सुल्तानपुरी

  • 15th Jun 2023

    दिल की सदा हूँ नादाँ!

    कुछ भी हूँ फिर भी दुखे दिल की सदा हूँ नादाँ, मेरी बातों को समझ तल्ख़ी-ए-तक़रीर न देख| मजरूह सुल्तानपुरी

  • 15th Jun 2023

    पाँव की ज़ंजीर न देख!

    देख ज़िंदाँ से परे रंग-ए-चमन जोश-ए-बहार, रक़्स करना है तो फिर पाँव की ज़ंजीर न देख| मजरूह सुल्तानपुरी

  • 15th Jun 2023

    ये उजाला ये सुकूँ!

    ये ज़रा दूर पे मंज़िल ये उजाला ये सुकूँ, ख़्वाब को देख अभी ख़्वाब की ताबीर न देख| मजरूह सुल्तानपुरी

  • 15th Jun 2023

    मेरी तस्वीर न देख!

    हादसे और भी गुज़रे तिरी उल्फ़त के सिवा, हाँ मुझे देख मुझे, अब मेरी तस्वीर न देख| मजरूह सुल्तानपुरी

  • 15th Jun 2023

    जीने की तदबीर न देख

    आह-ए-जाँ-सोज़ की महरूमी-ए-तासीर न देख, हो ही जाएगी कोई जीने की तदबीर न देख| मजरूह सुल्तानपुरी

  • 15th Jun 2023

    दिल टूटने लगे हैं!

    चारागरी बताए अगर कुछ इलाज है, दिल टूटने लगे हैं सदा के बग़ैर भी|      मुनव्वर राना

  • 15th Jun 2023

    अजब तमाशा – रवींद्रनाथ ठाकुर

    आज फिर से पुरानी ब्लॉग पोस्ट को दोहराने का दिन है, लीजिए प्रस्तुत है यह पोस्ट| आज मैं फिर से भारत के नोबल पुरस्कार विजेता कवि गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की एक और कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित जिस कविता का भावानुवाद है, उसे अनुवाद के बाद…

  • 14th Jun 2023

    हम बे-क़ुसूर लोग भी!

    हम बे-क़ुसूर लोग भी दिलचस्प लोग हैं, शर्मिंदा हो रहे हैं ख़ता के बग़ैर भी| मुनव्वर राना

←Previous Page
1 … 791 792 793 794 795 … 1,394
Next Page→

Blog at WordPress.com.

Privacy & Cookies: This site uses cookies. By continuing to use this website, you agree to their use.
To find out more, including how to control cookies, see here: Cookie Policy
  • Subscribe Subscribed
    • SamaySakshi
    • Join 1,143 other subscribers.
    • Already have a WordPress.com account? Log in now.
    • SamaySakshi
    • Subscribe Subscribed
    • Sign up
    • Log in
    • Report this content
    • View site in Reader
    • Manage subscriptions
    • Collapse this bar