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SamaySakshi

A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
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  • 22nd Aug 2023

    बे तिरे जहन्नम है!

    ऐ मोहब्बत तू इक अज़ाब* सही, ज़िंदगी बे तिरे जहन्नम है| *Suffering फ़िराक़ गोरखपुरी

  • 22nd Aug 2023

    ज़िंदगी का मातम है!

    ये भी नज़्म-ए-हयात* है कोई, ज़िंदगी ज़िंदगी का मातम है| *SongOfLife फ़िराक़ गोरखपुरी

  • 22nd Aug 2023

    ज़िंदगी कम है!

    उठने वाली है बज़्म माज़ी की, रौशनी कम है ज़िंदगी कम है| फ़िराक़ गोरखपुरी

  • 22nd Aug 2023

    फिर छूटेगा लंदन!

    पिछली दो बार की तरह एक बार फिर लंदन प्रवास का अंत होने को है, यहाँ रहते हुए अंतिम सप्ताहांत भी निकल गया, इस रविवार को एक बार फिर से हम भारतीयों के प्रिय स्थान साउथ हॉल गए, वहाँ कुछ खरीदारी की और मनपसंद खाना खाया| गोवा लौटने के बाद यहाँ का प्रवास फिर से…

  • 21st Aug 2023

    इंक़लाब-ए-पैहम है!

    इसमें ठहराव या सुकून कहाँ, ज़िंदगी इंक़लाब-ए-पैहम* है| *Continuous struggle फ़िराक़ गोरखपुरी

  • 21st Aug 2023

    गुनाह-ए-आदम है!

    उसके शैतान को कहाँ तौफ़ीक़, इश्क़ करना गुनाह-ए-आदम है| फ़िराक़ गोरखपुरी

  • 21st Aug 2023

    तेरी ख़ुशी मुक़द्दम है!

    अपने ग़म का मुझे कहाँ ग़म है, ऐ कि तेरी ख़ुशी मुक़द्दम है| फ़िराक़ गोरखपुरी

  • 21st Aug 2023

    दिवाना हो गया है!

    किसी ने देखे हैं पतझड़ में फूल खिलते हुए, दिल अपनी ख़ुश-नज़री में दिवाना हो गया है|     इरफ़ान सिद्दीक़ी

  • 21st Aug 2023

    परिंद अपने परों का!

    फ़ज़ा-ए-शौक़ में उसकी बिसात ही क्या थी, परिंद अपने परों का निशाना हो गया है| इरफ़ान सिद्दीक़ी

  • 21st Aug 2023

    झोंका बहाना हो गया है

    हमें तो ख़ैर बिखरना ही था कभी न कभी, हवा-ए-ताज़ा का झोंका बहाना हो गया है| इरफ़ान सिद्दीक़ी

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