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बाद-ए-सबा उसकी है
शेर मेरे हैं मगर इनमें मोहब्बत उसकी, फूल मेरे हैं मगर बाद-ए-सबा उसकी है| जावेद अख़्तर
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जो रंग है वो उसका है!
मेरे अल्फ़ाज़ में जो रंग है वो उसका है, मेरे एहसास में जो है वो फ़ज़ा उसकी है| जावेद अख़्तर
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सनातन!
आज एक बार फिर मैं विख्यात हिन्दी कवि स्वर्गीय गिरिजाकुमार माथुर जी की एक कविता शेयर कर रहा हूँ| गिरिजा जी को अनेक साहित्यिक सम्मान प्राप्त हुए थे तथा उनको अज्ञेय जी ने प्रतिष्ठित संकलन ‘तारसप्तक’ में भी सम्मिलित किया था| स्वर्गीय माथुर जी की कुछ रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं| आज प्रस्तुत…
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और सज़ा उसकी है!
सारी हैरत है मिरी सारी अदा उसकी है, बे-गुनाही है मिरी और सज़ा उसकी है| जावेद अख़्तर
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बढ़े चलो, बढ़े चलो!
आज एक बार फिर मैं हमारे स्वाधीनता आंदोलन को सशक्त स्वर देने वाले प्रमुख राष्ट्रीय कवि स्वर्गीय सोहनलाल द्विवेदी जी की एक कविता शेयर कर रहा हूँ| स्वर्गीय द्विवेदी जी की कुछ रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं| आज प्रस्तुत है स्वर्गीय सोहनलाल द्विवेदी जी की यह प्रसिद्ध कविता- न हाथ एक शस्त्र हो,न…