Skip to content

SamaySakshi

A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
    • Activity
    • Members
    • Sample Page
    • Sample Page
    • Sample Page
    • About
    • Contact
  • 1st Jun 2024

    दौर में महबूब रहे हैं!

    वो लोग ही हर दौर में महबूब रहे हैं, जो इश्क़ में तालिब नहीं मतलूब* रहे हैं| *प्रेमपात्र जाँ निसार अख़्तर

  • 1st Jun 2024

    बहुत क़रीब थे हम!

    मैं तेरी ज़ात में गुम हो सका न तू मुझ में, बहुत क़रीब थे हम फिर भी फ़ासला तो रहा| जाँ निसार अख़्तर

  • 1st Jun 2024

    सुई!

    आज मैं हिन्दी और राजस्थानी भाषाओं के श्रेष्ठ कवि स्वर्गीय हरीश भादानी जी का एक गीत शेयर कर रहा हूँ| भादानी जी की कुछ रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं| लीजिए आज प्रस्तुत है स्वर्गीय हरीश भादानी जी का यह गीत – सुबह उधेड़े शाम उधेड़ेबजती हुई सुई           सीलन और धुएं के खेतों          दिन भर…

  • 31st May 2024

    मुक़ाबला तो रहा|

    चलो न इश्क़ ही जीता न अक़्ल हार सकी, तमाम वक़्त मज़े का मुक़ाबला तो रहा| जाँ निसार अख़्तर

  • 31st May 2024

    क़दम क़दम पे कोई!

    गुज़र ही आए किसी तरह तेरे दीवाने, क़दम क़दम पे कोई सख़्त मरहला तो रहा| जाँ निसार अख़्तर

  • 31st May 2024

    हौसला तो रहा!

     तमाम उम्र अज़ाबों का सिलसिला तो रहा, ये कम नहीं हमें जीने का हौसला तो रहा| जाँ निसार अख़्तर

  • 31st May 2024

    वगर्ना ज़िंदगी ने तो!

    ये शुक्र है कि मिरे पास तेरा ग़म तो रहा, वगर्ना ज़िंदगी ने तो रुला दिया होता| गुलज़ार 

  • 31st May 2024

    मुझे सलीब पे दो पल!

    ये दर्द जिस्म के या-रब बहुत शदीद लगे, मुझे सलीब पे दो पल सुला दिया होता| गुलज़ार

  • 31st May 2024

    मैंने बुझा दिया होता!

    न रौशनी कोई आती मिरे तआ‘क़ुब* में, जो अपने-आप को मैं ने बुझा दिया होता| *पीछा करते हुए गुलज़ार 

  • 31st May 2024

    फूल झरे!

    आज मैं प्रसिद्ध हिन्दी नवगीतकार श्री बुद्धिनाथ मिश्र जी का एक नवगीत शेयर कर रहा हूँ| श्री मिश्र जी की बहुत सी रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं| लीजिए आज प्रस्तुत है श्री बुद्धिनाथ मिश्र जी का यह नवगीत – फूल झरे जोगिन के द्वारहरी-हरी अँजुरी मेंभर-भर के प्रीत नईरात करे चाँद की गुहार…

←Previous Page
1 … 550 551 552 553 554 … 1,394
Next Page→

Blog at WordPress.com.

Privacy & Cookies: This site uses cookies. By continuing to use this website, you agree to their use.
To find out more, including how to control cookies, see here: Cookie Policy
  • Subscribe Subscribed
    • SamaySakshi
    • Join 1,143 other subscribers.
    • Already have a WordPress.com account? Log in now.
    • SamaySakshi
    • Subscribe Subscribed
    • Sign up
    • Log in
    • Report this content
    • View site in Reader
    • Manage subscriptions
    • Collapse this bar