-
श्रीकृष्ण शर्मा ‘अशेष’ की रचनायें-6
मेरी उपलब्ध रचनाएं यहाँ शेयर करने का आज छठा दिन है, इस प्रकार जहाँ इन सबको, जितनी उपलब्ध हैं, एक साथ शेयर कर लूंगा| जिस क्रम में कविताएं पहले शेयर की हैं, उसी क्रम में उनको लेकर यहाँ पुनः एक साथ शेयर कर रहा हूँ। जैसा मैंने पहले भी बताया है, हमेशा ‘श्रीकृष्ण शर्मा’ नाम…
-
ऐसा न हो न कि आए तू!
ऐ मौत कम ही रहता हूँ मैं अपने आप में, ऐसा न हो न कि आए तू और मैं मिलूँ नहीं| राजेश रेड्डी
-
अपना तो ये बरस भी!
अब क्या कहें नुजूमी के बारे में छोड़िए, अपना तो ये बरस भी कुछ अच्छा नहीं गया| राजेश रेड्डी
-
ढूँडने बैठा हूँ वो ज़मीं!
नक़्शे में आज ढूँडने बैठा हूँ वो ज़मीं, जिस को हज़ार टुकड़ों में बाँटा नहीं गया| राजेश रेड्डी
-
पढ़वाना चाहते थे!
पढ़वाना चाहते थे नुजूमी से हम वही, हम से क़दम ज़मीन पे रक्खा नहीं गया| राजेश रेड्डी
-
वो देखना पड़ा है!
आँखों पे ऐसा वक़्त भी गुज़रा है बार-हा, वो देखना पड़ा है जो देखा नहीं गया| राजेश रेड्डी
-
हमसे वहाँ पहुँच के!
दुनिया से, जिस से आगे का सोचा नहीं गया, हम से वहाँ पहुँच के भी ठहरा नहीं गया| राजेश रेड्डी
-
श्रीकृष्ण शर्मा ‘अशेष’ की रचनायें-5
मेरी उपलब्ध रचनाएं यहाँ शेयर करने का आज पांचवां दिन है, जैसा मैंने पहले कहा, मैं अपनी ब्लॉग पोस्ट्स में जिस क्रम में कविताएं पहले शेयर की हैं, उसी क्रम में उनको लेकर यहाँ पुनः एक साथ शेयर कर रहा हूँ। जैसा मैंने पहले भी बताया है, हमेशा ‘श्रीकृष्ण शर्मा’ नाम से रचनाएं लिखता रहा,…