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प्रबल झंझावात, साथी!
आज एक बार फिर मैं हिन्दी गीत के शिखर पुरुष स्वर्गीय हरिवंश राय बच्चन जी का एक गीत शेयर कर रहा हूँ|बच्चन जी की बहुत सी रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं| लीजिए प्रस्तुत है स्वर्गीय हरिवंश राय बच्चन जी का यह गीत – प्रबल झंझावात, साथी! देह पर अधिकार हारे,विवशता से पर पसारे,करुण…