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चंद्रमा पर घूमकर !
आज एक बार फिर मैं हिन्दी के श्रेष्ठ, लोकप्रिय एवं सुरीले गीतकार श्री सोम ठाकुर जी का एक गीत शेयर कर रहा हूँ| सोम जी की बहुत सी कविताएं मैंने पहले भी शेयर की हैं| लीजिए आज प्रस्तुत है श्री सोम ठाकुर जी का यह गीत- रश्मीरंगी चंद्रमा पर घूम कररूपगंधा आँधियों को चूमकरहम गये…
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जड़ें !
आज एक बार फिर मैं श्रेष्ठ हिन्दी कवि तथा समाचार पत्रिका ‘दिनमान’ के संपादन मण्डल के सदस्य रहे स्वर्गीय सर्वेश्वर दयाल सक्सेना जी की एक रचना शेयर कर रहा हूँ| सर्वेश्वर जी की बहुत सी कविताएं मैंने पहले भी शेयर की हैं| लीजिए आज प्रस्तुत है स्वर्गीय सर्वेश्वर दयाल सक्सेना जी की यह कविता- जड़ें…