Skip to content

SamaySakshi

A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
    • Activity
    • Members
    • Sample Page
    • Sample Page
    • Sample Page
    • About
    • Contact
  • 31st Mar 2025

    ख़्वाब राएगाँ निकले!

    हक़ीक़तें हैं सलामत तो ख़्वाब बहुतेरे,मलाल क्यूँ हो कि कुछ ख़्वाब राएगाँ निकले| साहिर लुधियानवी

  • 31st Mar 2025

    अरमाँ अभी कहाँ!

    फ़क़ीर-ए-शहर के तन पर लिबास बाक़ी है,अमीर-ए-शहर के अरमाँ अभी कहाँ निकले| साहिर लुधियानवी

  • 31st Mar 2025

    अगर सदा न उठे!

    बहुत घुटन है कोई सूरत-ए-बयाँ निकले,अगर सदा न उठे कम से कम फ़ुग़ाँ निकले| साहिर लुधियानवी

  • 31st Mar 2025

    क़फ़स तोड़ना बाद!

    क़फ़स तोड़ना बाद की बात है,अभी ख़्वाहिश-ए-बाल-ओ-पर कीजिए| साहिर लुधियानवी

  • 31st Mar 2025

    ज़रूरी नहीं चश्म तर!

    सितम के बहुत से हैं रद्द-ए-अमल,ज़रूरी नहीं चश्म तर कीजिए| साहिर लुधियानवी

  • 31st Mar 2025

    ज़मीं सख़्त है आसमाँ!

    ज़मीं सख़्त है आसमाँ दूर है,बसर हो सके तो बसर कीजिए| साहिर लुधियानवी

  • 31st Mar 2025

    मिरे क़ातिलों को!

    मैं ज़िंदा हूँ ये मुश्तहर कीजिए,मिरे क़ातिलों को ख़बर कीजिए| साहिर लुधियानवी

  • 31st Mar 2025

    हम बहुत रोए वो जब!

    बैठ कर साया-ए-गुल में ‘नासिर’,हम बहुत रोए वो जब याद आया| नासिर काज़मी

  • 31st Mar 2025

    बेबीलोन के खण्डहरों में!

    आज मैं हिंदी के श्रेष्ठ कवि स्वर्गीय जगदीश चतुर्वेदी जी की एक कविता शेयर कर रहा हूँ। चतुर्वेदी जी की रचनाएं मैंने पहले शेयर नहीं की हैं। आप हिंदी में अकविता आंदोलन के प्रवर्तक थे। लीजिए आज प्रस्तुत है स्वर्गीय जगदीश चतुर्वेदी जी की यह कविता – बेबीलोन जाते हुएफरात नदी का चौड़ा पुल पार…

  • 30th Mar 2025

    जब वो रुख़्सत हुआ!

    हाल-ए-दिल हम भी सुनाते लेकिन, जब वो रुख़्सत हुआ तब याद आया| नासिर काज़मी

←Previous Page
1 … 310 311 312 313 314 … 1,385
Next Page→

Blog at WordPress.com.

Privacy & Cookies: This site uses cookies. By continuing to use this website, you agree to their use.
To find out more, including how to control cookies, see here: Cookie Policy
  • Subscribe Subscribed
    • SamaySakshi
    • Join 1,143 other subscribers.
    • Already have a WordPress.com account? Log in now.
    • SamaySakshi
    • Subscribe Subscribed
    • Sign up
    • Log in
    • Report this content
    • View site in Reader
    • Manage subscriptions
    • Collapse this bar