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अच्युतम केशवम!
अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज मैं अपने स्वर में यह प्रसिद्ध भजन शेयर कर रहा हूँ- अच्युतम केशवम कृष्ण दामोदरम! आशा है आपको पसंद आएगा,धन्यवाद। ******
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ज़िंदगी की बेबसी का !
एक मुश्त-ए-ख़ाक और वो भी हवा की ज़द में है,ज़िंदगी की बेबसी का इस्तिआ’रा देखना| परवीन शाकिर
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आइने की आँख ही!
आइने की आँख ही कुछ कम न थी मेरे लिए, जाने अब क्या क्या दिखाएगा तुम्हारा देखना| परवीन शाकिर
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दयालु नेता!
अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज मैं अपने स्वर में स्वर्गीय अल्हड बीकानेरी जी की एक हास्य कविता प्रस्तुत कर रहा हूँ- दया करो हे दयालु नेता! आशा है आपको पसंद आएगी,धन्यवाद। *******
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युवा जंगल!
आज मैं आधुनिक हिंदी कवि श्री अशोक वाजपेयी जी की एक रचना शेयर कर रहा हूँ। वाजपेयी जी की बहुत सी रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं। लीजिए आज प्रस्तुत है श्री अशोक वाजपेयी जी की यह कविता – एक युवा जंगल मुझे,अपनी हरी पत्तियों से बुलाता है।मेरी शिराओं में हरा रक्त बहने लगा…
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ख़ून में डूबा हुआ!
जब बनाम-ए-दिल गवाही सर की माँगी जाएगी, ख़ून में डूबा हुआ परचम हमारा देखना| परवीन शाकिर
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ऐ शब-ए-हिज्राँ ज़रा!
किस शबाहत को लिए आया है दरवाज़े पे चाँद,ऐ शब-ए-हिज्राँ ज़रा अपना सितारा देखना| परवीन शाकिर