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A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
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  • 6th Mar 2026

    बोगनबेलिया!

    आज एक बार फिर मैं श्रेष्ठ हिंदी कवि स्वर्गीय कन्हैयालाल नंदन जी की एक रचना शेयर कर रहा हूँ। नंदन जी की बहुत सी रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं। लीजिए आज प्रस्तुत है स्वर्गीय कन्हैयालाल नंदन जी का यह गीत– ओ पियाआग लगाए बोगनबेलिया! पूनम के आसमान मेंबादल छाया,मन का जैसेसारा दर्द छितराया,सिहर-सिहर…

  • 5th Mar 2026

    कुछ ग़ैरत ज़ियादा थी!

    बुलंदी के लिए बस अपनी ही नज़रों से गिरना था,हमारी कम-नसीबी हम में कुछ ग़ैरत ज़ियादा थी| राजेश रेड्डी

  • 5th Mar 2026

    हैरत ज़ियादा थी!

    तअज्जुब में तो पड़ता ही रहा है आइना अक्सर,मगर इस बार उस की आँखों में हैरत ज़ियादा थी| राजेश रेड्डी

  • 5th Mar 2026

    मगर मोहलत ज़ियादा थी!

    इजाज़त कम थी जीने की मगर मोहलत ज़ियादा थी,हमारे पास मरने के लिए फ़ुर्सत ज़ियादा थी| राजेश रेड्डी

  • 5th Mar 2026

    दाता एक राम-1

    अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से मैं अपने स्वर में स्वर्गीय अल्हड बीकानेरी जी की एक हास्य कविता का पहला भाग प्रस्तुत कर रहा हूँ जो एक प्रसिद्ध भजन पर आधारित है- दाता एक राम, भिखारी सारी दुनिया-1 आशा है आपको यह पसंद आएगा, धन्यवाद। ******

  • 5th Mar 2026

    जो तेरा हो गया !

    ज़माने भर के लोगों को किया है मुब्तला तू ने,जो तेरा हो गया तू भी उसी का क्यूँ नहीं होता| राजेश रेड्डी

  • 5th Mar 2026

    हमेशा तंज़ करते हैं!

    हमेशा तंज़ करते हैं तबीअत पूछने वाले,तुम अच्छा क्यूँ नहीं करते मैं अच्छा क्यूँ नहीं होता| राजेश रेड्डी

  • 5th Mar 2026

    ये प्याला प्रेम का प्याला – पूरा गीत

    अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से मैंने पहले, अपने स्वर में श्री सोम ठाकुर जी के प्रसिद्ध गीत ‘ये प्याला प्रेम का प्याला है’ के कुछ अंश शेयर किए थे, अब मैं पूरा गीत एक साथ प्रस्तुत कर रहा हूँ- आशा है आपको यह पसंद आएगा,धन्यवाद। ********

  • 5th Mar 2026

    कुछ सूत्र जो किसान बाप ने बेटे को दिए!

    आज एक बार फिर मैं श्रेष्ठ हिंदी कवि स्वर्गीय केदारनाथ सिंह जी की एक रचना शेयर कर रहा हूँ। इनकी बहुत सी रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं। लीजिए आज प्रस्तुत है स्वर्गीय केदारनाथ सिंह जी की यह कविता– मेरे बेटेकुँए में कभी मत झाँकनाजानापर उस ओर कभी मत जानाजिधर उड़े जा रहे होंकाले-काले…

  • 4th Mar 2026

    जहाँ में यूँ तो होने को !

    जहाँ में यूँ तो होने को बहुत कुछ होता रहता है,मैं जैसा सोचता हूँ कुछ भी वैसा क्यूँ नहीं होता| राजेश रेड्डी

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