पूछते हो क्या बाबा!

पूछते हो क्या बाबा क्या हुआ दिल-ए-ज़िंदा,
वो मिरा दिल-ए-ज़िंदा आज आँ-जहानी है|

कैफ़ भोपाली

Leave a comment