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A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
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  • 11th Mar 2021

    कच्चे रंगों से तसवीर बना डाली!

    स्वर्गीय कन्हैयालाल नंदन जी के हिन्दी कविता के एक प्रमुख हस्ताक्षर रहे हैं| वे बच्चों की पत्रिका पराग के संपादक भी रहे थे और अपने साहित्य सृजन के लिए अनेक पुरस्कारों से सम्मानित किए गए| आज मैं नंदन जी की यह रचना शेयर कर रहा हूँ- रेशमी कंगूरों परनर्म धूप सोयी।मौसम नेनस-नस मेंनागफनी बोयी!दोषों के…

  • 10th Mar 2021

    मौत मुसाफ़िरखाना है!

    एक विषय दिया गया है, #IndiSpire के मंच पर, The end is often the beginning #Life वहाँ पर प्रविष्टि सामान्यतः अंग्रेजी में दी जाती है, परंतु मुझे लगा कि इस विषय पर लिखते हुए भारतीय दर्शन की जो बातें मेरे मन में आ सकती हैं, वे सभी हिन्दी में हैं और मैं हिन्दी और अंग्रेजी…

  • 9th Mar 2021

    चोट खाते रहे गुनगुनाते रहे!

    स्वर्गीय डॉ राही मासूम रज़ा साहब हिन्दी-उर्दू साहित्य के एक प्रमुख रचनाकार रहे हैं| वे कविता, शायरी और उपन्यास लेखन, सभी क्षेत्रों में समान रूप से सक्रिय थे और पाठकों, श्रोताओं के चहेते रहे हैं| उनको अनेक साहित्यिक और राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त हुए थे| आज मैं डॉ राही मासूम रज़ा साहब की यह प्रसिद्ध गजल…

  • 8th Mar 2021

    मिट्टी को बादल में गूँथें, चाक चलाएँ!

    स्वर्गीय निदा फ़ाजली साहब मेरे प्रिय शायर रहे हैं, उनकी अनेक रचनाएँ मैंने पहले भी शेयर की हैं| आज एक रचना उनकी शेयर कर रहा हूँ, जो बताती है कि जाति-धर्म के भेदभाव कितने बेमानी हैं| इस कविता में वह कहते हैं कि बच्चे बनकर आइए वही काम करें जो ऊपर वाला करता है, विभिन्न…

  • 7th Mar 2021

    पंजिम, मांडवी नदी और मीरामार!

    आज फिर से पुरानी पोस्ट का दिन है, लीजिए मैं अपनी एक पुरानी पोस्ट, फिर से शेयर कर रहा हूँ| पिछले दिनों मैंने देश-विदेश के कुछ स्थानों के भ्रमण पर आधारित ब्लॉग लिखे, जिनका प्रारंभ मैंने लंदन से किया था और इस बात को भी रेखांकित किया था कि लंदन के जीवन में थेम्स नदी…

  • 6th Mar 2021

    चाँद निकला तो सो गईं आँखें!

    नक़्श लायलपुरी साहब एक प्रमुख साहित्यकार और फिल्मी गीतकार रहे हैं, उनके अनेक गीत हम आज भी गुनगुनाते हैं, जैसे ‘मैं तो हर मोड़ पर तुझको दूंगा सदा’, ‘कई सदियों से कई जन्मों से’ आदि-आदि| आज उनकी एक सुंदर सी ग़ज़ल मैं शेयर कर रहा हूँ, जिसमें विभिन्न परिस्थितियों और मनः स्थितियों में आँखों की…

  • 5th Mar 2021

    यह कवि का घर है !

    डॉ रामदरश मिश्र जी, जिनकी रचना मैं आज शेयर कर रहा हूँ, वे हिन्दी के प्रतिष्ठित साहित्यकार हैं और कविता, कहानी तथा उपन्यास लेखन, सभी क्षेत्रों में समान रूप से सक्रिय एवं सम्मानित हैं| आज की उनकी इस रचना में भी उन्होंने कवि की अलग प्रकार की दृष्टि और दर्शन का परिचय दिया है- गेंदे…

  • 4th Mar 2021

    बस यही एक अच्छी बात है!

    आज एक ऐसे रचनाकार की रचना शेयर कर रहा हूँ, जिनकी कोई रचना शायद मैंने पहले शेयर नहीं की है| श्री राजेन्द्र राजन एक श्रेष्ठ रचनाकार हैं जिन्होंने अनेक श्रेष्ठ कविताएं, गीत और कहानियाँ लिखी हैं| आज मैं उनकी एक सुंदर रचना शेयर कर रहा हूँ- मेरे मन मेंनफ़रत और गुस्से की आग,कुंठाओं के किस्से,और…

  • 3rd Mar 2021

    दिल को वही काम आ गया!

    आज फिर से मैं अपने प्रिय गायक मुकेश जी का गाया एक और गीत शेयर कर रहा हूँ| खास बात ये है आज का ये गीत मुकेश जी ने शम्मी कपूर जी के लिए गाया था, शायद मुकेश जी ने बहुत कम गीत गाये होंगे शम्मी कपूर जी के लिए, मुझे तो कोई और याद…

  • 2nd Mar 2021

    हम आपकी आँखों से नींदें ही उड़ा दें तो!

    आज गुरुदत्त जी की फिल्म-प्यासा का एक गीत शेयर कर रहा हूँ, जिसे रफी साहब और गीता दत्त जी ने गाया है| इसमें यही सब बताया गया कि नायिका का प्यार पाने के लिए आशिक़ महोदय किस हद तक जाने को तैयार रहते हैं और क्या-क्या सहना पड़ता है मासूम से आशिक़ को| यह मजेदार…

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