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SamaySakshi

A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
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  • 14th Dec 2021

    आखिर यही होता क्यों है!

    भारतीय शायरों में अपनी एक खास पहचान रखने वाले ज़नाब कैफ़ी आज़मी साहब की लिखी एक ग़ज़ल आज शेयर कर रहा हूँ| इस ग़ज़ल को जगजीत सिंह जी ने कुलदीप सिंह जी के संगीत निर्देशन में गाया है और फिल्म ‘अर्थ’ में इसे बड़ी खूबसूरती के साथ फिल्माया गया है| ज़िंदगी में कब कौन और…

  • 13th Dec 2021

    अँगूठे-सा दंग हूँ!

    ये किसका दस्तख़त है, बताए कोई मुझे,मैं अपना नाम लिख के अँगूठे-सा दंग हूँ | सूर्यभानु गुप्त

  • 13th Dec 2021

    अटकी पतंग हूँ!

    माँझा कोई यक़ीन के क़ाबिल नहीं रहा,तनहाइयों के पेड़ से अटकी पतंग हूँ| सूर्यभानु गुप्त

  • 13th Dec 2021

    निकला हूँ इक नदी-सा—

    निकला हूँ इक नदी-सा समन्दर को ढूँढ़ने,कुछ दूर कश्तियों के अभी संग-संग हूँ| सूर्यभानु गुप्त

  • 13th Dec 2021

    अँधेरी सुरंग हूँ!

    रिश्ते गुज़र रहे हैं लिए दिन में बत्तियाँ,मैं बीसवीं सदी की अँधेरी सुरंग हूँ| सूर्यभानु गुप्त

  • 13th Dec 2021

    मेरा नाम आदमी!

    मोहरा सियासतों का, मेरा नाम आदमी,मेरा वुजूद क्या है, ख़लाओं की जंग हूँ| सूर्यभानु गुप्त

  • 13th Dec 2021

    कॉलर का रंग हूँ!

    हर लम्हा ज़िन्दगी के पसीने से तंग हूँ,मैं भी किसी क़मीज़ के कॉलर का रंग हूँ| सूर्यभानु गुप्त

  • 13th Dec 2021

    कुएं से पानी भरने जाती दो बहनें – टैगोर

    आज फिर से पुरानी ब्लॉग पोस्ट को दोहराने का दिन है, लीजिए प्रस्तुत है यह पोस्ट| आज मैं भारत के नोबल पुरस्कार कवि गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की एक कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित एक कविता का भावानुवाद है, जिसे अनुवाद के बाद मूल रूप में प्रस्तुत…

  • 12th Dec 2021

    उतनी दूर पिया तुम मेरे गाँव से!

    हर पुरवा का झोंका तेरा घुँघरू,हर बादल की रिमझिम तेरी भावना,,हर सावन की बूंद तुम्हारी ही व्यथाहर कोयल की कूक तुम्हारी कल्पना| जितनी दूर ख़ुशी हर ग़म से,जितनी दूर साज सरगम से,जितनी दूर पात पतझर का छाँव से,उतनी दूर पिया तुम मेरे गाँव से| कुंवर बेचैन

  • 12th Dec 2021

    बिछुए जितनी दूर कुँआरे पाँव से!

    जितनी दूर नयन से सपना,जितनी दूर अधर से हँसना,बिछुए जितनी दूर कुँआरे पाँव से,उतनी दूर पिया तुम मेरे गाँव से! कुंवर बेचैन

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