Skip to content

SamaySakshi

A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
    • Activity
    • Members
    • Sample Page
    • Sample Page
    • Sample Page
    • About
    • Contact
  • 11th Dec 2021

    तेज़ हवा ने मुझ से पूछा!

    तेज़ हवा ने मुझ से पूछा,रेत पे क्या लिखते रहते हो| मोहसिन नक़वी

  • 11th Dec 2021

    सोचों में गुम रहते हो!

    इतनी मुद्दत बाद मिले हो,किन सोचों में गुम रहते हो| मोहसिन नक़वी

  • 11th Dec 2021

    मोचीराम!

    स्वर्गीय सुदामा प्रसाद ‘धूमिल’ जी की एक लंबी कविता का एक अंश आज प्रस्तुत कर रहा हूँ| धूमिल जी का अपना अलग ही अन्दाज़ था, आज की उनकी यह कविता उनकी प्रसिद्ध कविताओं में शामिल रही है, जिसमें वे एक मोची के माध्यम से कुछ महत्वपूर्ण बातें कह जाते हैं| लीजिए आज प्रस्तुत है स्वर्गीय…

  • 10th Dec 2021

    लक्षण सुबह के हैं!

    मानो न मानो तुम ’उदय’ लक्षण सुबह के हैं,चमकीला तारा कोई नहीं आसमान में। उदय प्रताप सिंह

  • 10th Dec 2021

    क्या फ़ायदा संशोधनों से संविधान में!

    जनतंत्र में जोंकों की कोई आस्था नहीं,क्या फ़ायदा संशोधनों से संविधान में। उदय प्रताप सिंह

  • 10th Dec 2021

    आईना अभिशाप है सूने मकान में!

    तस्वीर के लिये भी कोई रूप चाहिये,ये आईना अभिशाप है सूने मकान में। उदय प्रताप सिंह

  • 10th Dec 2021

    आंख में पानी नहीं रहा!

    इन बादलों की आंख में पानी नहीं रहा,तन बेचती है भूख एक मुट्ठी धान में। उदय प्रताप सिंह

  • 10th Dec 2021

    हिंदोस्ताँ कहां है अब!

    ये रोज कोई पूछता है मेरे कान मेंहिंदोस्ताँ कहां है अब हिंदोस्तान में। उदय प्रताप सिंह

  • 10th Dec 2021

    तुमको ही याद किया, तुमको भुलाने के लिए!

    आज मैं स्वर्गीय निदा फ़ाज़ली साहब की एक ग़ज़ल प्रस्तुत कर रहा हूँ | निदा फ़ाज़ली साहब की शायरी में एक सधुक्कड़ी अंदाज़ देखने को मिलता है| मैंने पहले भी निदा साहब की बहुत सी रचनाएं शेयर की हैं, क्या ग़ज़ब की शायरी और दोहे हैं निदा साहब के- ‘मैं रोया परदेस में, भीगा मां…

  • 9th Dec 2021

    राह देखा करेगा!

    राह देखा करेगा सदियों तकछोड़ जाएंगे ये जहां तन्हा। मीना कुमारी (महज़बीं बानो)

←Previous Page
1 … 1,343 1,344 1,345 1,346 1,347 … 1,524
Next Page→

Blog at WordPress.com.

Privacy & Cookies: This site uses cookies. By continuing to use this website, you agree to their use.
To find out more, including how to control cookies, see here: Cookie Policy
  • Subscribe Subscribed
    SamaySakshi
    Join 1,136 other subscribers.

    Have a WordPress.com account? Log in now.

  • SamaySakshi
    View site in Reader
    Manage subscriptionsSign upLog in
    Report this content
    Collapse this bar