Skip to content

SamaySakshi

A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
    • Activity
    • Members
    • Sample Page
    • Sample Page
    • Sample Page
    • About
    • Contact
  • 9th Dec 2021

    सिमटा-सा एक मकां तन्हा!

    जलती-बुझती-सी रोशनी के परे,सिमटा-सिमटा-सा एक मकां तन्हा| मीना कुमारी (महज़बीं बानो)

  • 9th Dec 2021

    चलते रहें कहां तन्हा!

    हमसफ़र कोई गर मिले भी कभी,दोनों चलते रहें कहां तन्हा| मीना कुमारी (महज़बीं बानो)

  • 9th Dec 2021

    और जां तन्हा!

    ज़िन्दगी क्या इसी को कहते हैं,जिस्म तन्हा है और जां तन्हा| मीना कुमारी (महज़बीं बानो)

  • 9th Dec 2021

    बुझ गई आस, छुप गया तारा!

    बुझ गई आस, छुप गया तारा,थरथराता रहा धुआं तन्हा| मीना कुमारी (महज़बीं बानो)

  • 9th Dec 2021

    कहां-कहां तन्हा!

    चांद तन्हा है आसमां तन्हा,दिल मिला है कहां-कहां तन्हा| मीना कुमारी (महज़बीं बानो)

  • 9th Dec 2021

    व्यक्तिगत!

    आज मैं एक बार फिर स्वर्गीय भवानी प्रसाद मिश्र जी की एक कविता शेयर कर रहा हूँ| भवानी दादा आधुनिक हिन्दी कविता के एक महत्वपूर्ण स्तंभ थे| वे बातचीत के लहज़े में कविता लिखने के लिए विशेष रूप से जाने जाते थे| अनेक महत्वपूर्ण साहित्यिक पुरस्कारों से अलंकृत भवानी दादा का काव्य पाठ सुनना एक…

  • 8th Dec 2021

    किसको इल्ज़ाम दूँ मैं!

    किसको इल्ज़ाम दूँ मैं किसको ख़तावार कहूँ,मेरी बरबादी का बाइस तो छुपा है मुझमें| राजेश रेड्डी

  • 8th Dec 2021

    इक दश्त बचा है मुझमें!

    इक ज़माना था कई ख्वाबों से आबाद था मैं,अब तो ले दे के बस इक दश्त बचा है मुझमें| राजेश रेड्डी

  • 8th Dec 2021

    मैं समुन्दर हूँ उदासी का—

    मैं समुन्दर हूँ उदासी का अकेलेपन का,ग़म का इक दरिया अभी आके मिला है मुझमें| राजेश रेड्डी

  • 8th Dec 2021

    मुझसे ख़फ़ा है मुझमें!

    हँसना चाहूँ भी तो हँसने नहीं देता मुझको,ऐसा लगता है कोई मुझसे ख़फ़ा है मुझमें| राजेश रेड्डी

←Previous Page
1 … 1,344 1,345 1,346 1,347 1,348 … 1,524
Next Page→

Blog at WordPress.com.

Privacy & Cookies: This site uses cookies. By continuing to use this website, you agree to their use.
To find out more, including how to control cookies, see here: Cookie Policy
  • Subscribe Subscribed
    SamaySakshi
    Join 1,136 other subscribers.

    Have a WordPress.com account? Log in now.

  • SamaySakshi
    View site in Reader
    Manage subscriptionsSign upLog in
    Report this content
    Collapse this bar