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बहुत तलाश किया कोई आदमी ना मिला!
आज डॉ. बशीर बद्र जी की एक गज़ल याद आ रही है, डॉ. बद्र शायरी में एक्सपेरीमेंट करने के लिए जाने जाते हैं, इस गज़ल में भी उन्होंने कुछ बहुत अच्छे शेर कहे हैं। यह भी जीवन की एक सच्चाई है कि बहुत सी बार जब हम ज़िंदगी में जो कुछ तलाश करते हैं, वही …
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मेरे जीवन के स्वामी- रवींद्रनाथ ठाकुर की कविता
आज, मैं फिर से भारत के नोबल पुरस्कार विजेता कवि गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की एक और कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित जिस कविता का भावानुवाद है, उसे अनुवाद के बाद प्रस्तुत किया गया है। मैं अनुवाद के लिए अंग्रेजी में मूल कविताएं सामान्यतः ऑनलाइन उपलब्ध काव्य…
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ये दिल्ली है बाबू!
आज फिर से एक पुरानी ब्लॉग पोस्ट शेयर कर रहा हूँ- दिल्ली में मेरा जन्म हुआ, 30 वर्ष की आयु तक मैं दिल्ली में ही रहा, शुरू की 2-3 नौकरियां भी वहीं कीं और सेवानिवृत्ति के बाद भी लगभग 7 वर्ष तक, दिल्ली के पास गुड़गांव में रहा। इसलिए कह सकता हूँ कि…
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सपने- लैंग्स्टन ह्यूजिस की कविता
आज, मैं विख्यात अंग्रेजी कवि लैंग्स्टन ह्यूजिस की एक छोटी सी परंतु महत्वपूर्ण संदेश वाली कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित जिस कविता का भावानुवाद है, उसे अनुवाद के बाद प्रस्तुत किया गया है। मैं अनुवाद के लिए अंग्रेजी में मूल कविताएं सामान्यतः ऑनलाइन उपलब्ध काव्य संकलन- ‘PoemHunter.com’…
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‘यदि’ – रुड्यार्ड किप्लिंग की कविता
आज, मैं विख्यात ब्रिटिश कवि रुड्यार्ड किप्लिंग की एक कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। श्री किप्लिंग एक ब्रिटिश कवि थे लेकिन उनका जन्म ब्रिटिश शासन के दौरान, मुम्बई में ही हुआ था। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित जिस कविता का भावानुवाद है, उसे अनुवाद के बाद प्रस्तुत किया गया है। मैं अनुवाद…
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Festival celebrations-Now and Then!
Festivities, celebrations are a part of human life and more so in Indian society. We have people following so many religious beliefs and so many festivals are observed in India. Not only based on religions but based on regions also several festivals are observed here. Like Onam, Jalikattu is also an activity associated with some…
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अगला किनारा- रवींद्रनाथ ठाकुर की कविता
आज, मैं फिर से भारत के नोबल पुरस्कार विजेता कवि गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की एक और कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित जिस कविता का भावानुवाद है, उसे अनुवाद के बाद प्रस्तुत किया गया है। मैं अनुवाद के लिए अंग्रेजी में मूल कविताएं सामान्यतः ऑनलाइन उपलब्ध काव्य…
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आजकल वो इस तरफ देखता है कम!
आज मुकेश जी का गाया एक बहुत सुंदर गीत याद आ रहा है, राज कपूर साहब द्वारा अभिनीत इस फिल्म- ‘फिर सुबह होगी’ का यह गीत साहिर लुधियानवी जी ने लिखा है और इसे मुकेश जी ने खय्याम साहब के संगीत में गाया है। असल में यह गीत आज के हालात पर बहुत सुंदर व्यंग्य…
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पुरातन और नूतन – गुरुदेव रवींद्रनाथ ठाकुर की कविता
आज, मैं फिर से भारत के नोबल पुरस्कार विजेता कवि गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की एक और कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित जिस कविता का भावानुवाद है, उसे अनुवाद के बाद प्रस्तुत किया गया है। मैं अनुवाद के लिए अंग्रेजी में मूल कविताएं सामान्यतः ऑनलाइन उपलब्ध काव्य…
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What Is Success As A Blogger?
I remember a movie song from Hindi film- ‘Jis Desh Mein Ganga Behti Hai’ by Raj Kapur Ji. What all happens in that film is not, what I am discussing, just a song from that film comes to my mind, the hero wanders in streets, composes his songs and sings them for the people- …