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तुलसी सो सुत होय!
मुंबई और हैदराबाद होते हुए बंगलौर आ गया हूँ, बेटे के घर पर, यहाँ कुछ देखने का मौका मिलेगा तो उसके बारे में लिखूंगा, फिलहाल आज फिर से एक पुरानी ब्लॉग पोस्ट शेयर कर रहा हूँ- आज की बात शुरू करते समय मुझे चुनाव के समय का एक प्रसंग याद आ रहा है।…
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और अब हैदराबाद-सिकंदराबाद!
मुंबई में संक्षिप्त प्रवास के बाद मैं पहुंच गया हैदराबाद में और रात्रि विश्राम के बाद सोचा कि कुछ स्थान देखे जाएं। कुछ जगह तो यहाँ ऐसी हैं जहाँ अवश्य जाना चाहिए, जैसे- रामोजी फिल्म सिटी, लेकिन उसके लिए पूरा दिन चाहिए। अगर टिकट कुछ कम हो और जगह भी पास हो तो इंसान 2-3…
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मुंबई में एक और दिन!
मुंबई में मेरा संक्षिप्त प्रवास संपन्न हुआ, मैंने आइनॉक्स मेट्रो मल्टीप्लेक्स, मरीन लाइन्स, मुंबई में ‘मूनव्हाइट फिल्म्स इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल’ (MWFIF) 2019 के उद्घाटन समारोह में भाग लेने का ज़िक्र किया था और उस आयोजन की संक्षिप्त रिपोर्ट भी लिखी थी। अब उसके बाद की बात, आइनॉक्स से हम टहलते हुए फैशन स्ट्रीट की तरफ…
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मूनव्हाइटइट फिल्म्स इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल-2019!
मुंबई में कल के दिन की प्रमुख गतिविधि थी- आइनॉक्स मेट्रो मल्टीप्लेक्स, मरीन लाइन्स, मुंबई में ‘मूनव्हाइट फिल्म्स इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल’ (MWFIF) 2019 के उद्घाटन समारोह में भाग लेना। प्रमुख बॉलीवुड फोटोग्राफर तथा कलाकार- कबीर एम. लव के सौजन्य से मैं भी इस उद्घाटन समारोह में मीडिया प्रतिनिधि के रूप में शामिल हुआ। आइनॉक्स…
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बहती हवा – रवींद्रनाथ ठाकुर की कविता
आज, मैं फिर से भारत के नोबल पुरस्कार विजेता कवि गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की एक और कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित जिस कविता का भावानुवाद है, उसे अनुवाद के बाद प्रस्तुत किया गया है। मैं अनुवाद के लिए अंग्रेजी में मूल कविताएं सामान्यतः ऑनलाइन उपलब्ध काव्य…
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भारत का सिंहद्वार!
मुंबई में दूसरा दिन निकल गया, कहीं ज्यादा निकलने की हिम्मत नहीं हुई। फिर सोचा कि शुरुआत अगर की जाए कुछ देखने की, शेयर करने की, तो प्रवेश स्थल से ही की जाए न। एक ऐसा प्रवेश द्वार जो सौ वर्ष से अधिक समय से, जलमार्ग द्वारा मुंबई, जो कि पहले बंबई थी वहाँ, बल्कि…
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लबों पे तराने अब आ न सकेंगे!
मुंबई मे हूँ, यहाँ जो कुछ देख पाऊंगा उस पर लिखूंगा, इससे पहले आज फिर से एक पुरानी ब्लॉग पोस्ट शेयर कर रहा हूँ- आज मुकेश जी की गाई हुई दो प्रायवेट गज़लें शेयर कर रहा हूँ, ऐसी पहचान रही है मुकेश जी की, कि उन्होंने जो कुछ गाया उसको अमर कर दिया। उनके गायन…
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मुंबई फिर एक बार!
लंबे समय के बाद एक बार फिर मुंबई जा रहा हूँ। बहुत पहले मुंबई में दो बार रहा हूँ, एक बार 2000 से 2001 तक, एक वर्ष अंधेरी (पूर्व) में, पवई में रहा था और उसके बाद 2012 में शायद 3 महीने तक अंधेरी (पश्चिम) में रहा था। तब मैं ब्लॉग नहीं लिखता था, इसलिए…
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घर तक की यात्रा – रवींद्रनाथ ठाकुर की कविता
आज, मैं फिर से भारत के नोबल पुरस्कार विजेता कवि गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की एक और कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित जिस कविता का भावानुवाद है, उसे अनुवाद के बाद प्रस्तुत किया गया है। मैं अनुवाद के लिए अंग्रेजी में मूल कविताएं सामान्यतः ऑनलाइन उपलब्ध काव्य…
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Life- a celebration of gratitude.
I remember a description of a character from a novel by late Mohan Rakesh Ji. He wrote about the convent school where the hero of the novel studied and he remembers the character – a priest in the boarding school church, who always prayed for the sins of all to be pardoned, which prayer was…