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जाने कौन आस-पास होता है!
आज गुलज़ार साहब का एक गीत शेयर करने का मन हो रहा है। इस गीत को फिल्म – सीमा के लिए रफी साहब ने शंकर जयकिशन जी के संगीत निर्देशन में गाया है । गुलज़ार साहब तो भाषा में प्रयोग करने के लिए प्रसिद्ध हैं और हमारी फिल्मों को अनेक खूबसूरत गीत उन्होंने दिए हैं।…
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मैं छः सेवक रखता हूँ – रुड्यार्ड किप्लिंग
आज, मैं विख्यात ब्रिटिश कवि रुड्यार्ड किप्लिंग की एक कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। श्री किप्लिंग एक ब्रिटिश कवि थे लेकिन उनका जन्म ब्रिटिश शासन के दौरान, मुम्बई में ही हुआ था। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित जिस कविता का भावानुवाद है, उसे अनुवाद के बाद प्रस्तुत किया गया है। मैं अनुवाद…
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माया – रवींद्रनाथ ठाकुर
आज, मैं फिर से भारत के नोबल पुरस्कार विजेता कवि गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की एक और कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित जिस कविता का भावानुवाद है, उसे अनुवाद के बाद प्रस्तुत किया गया है। मैं अनुवाद के लिए अंग्रेजी में मूल कविताएं सामान्यतः ऑनलाइन उपलब्ध काव्य…
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दोपहर नवंबर की!
आज फिर से एक पुरानी ब्लॉग पोस्ट शेयर कर रहा हूँ- बहुत बार लोग कविता लिखते हैं मौसम पर, कुछ कविताएं बहुत अच्छी भी लिखी जाती हैं। तुलसीदास जी ने, जब रामचंद्र जी, माता सीता की खोज में लगे थे, उस समय ऋतुओं के बदलने का बहुत सुंदर वर्णन किया है। पूरा मनोविज्ञान…
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उसी के दम से रौनक आपके बंगले में आई है!
आज जनकवि अदम गोंडवी जी की दो कविताएं बिना किसी भूमिका के प्रस्तुत कर रहा हूँ। गज़ल के छंद में उनकी रचनाएं हिंदुस्तान के आम आदमी की परिस्थितियों को, उसकी भावनाओं को अभिव्यक्ति देती थीं। उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले के एक गांव में रहने वाले गोंडवी जी शहर की तड़क-भड़क से दूर रहे और…
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उपहार – रवींद्रनाथ ठाकुर
आज, मैं फिर से भारत के नोबल पुरस्कार विजेता कवि गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की एक और कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित जिस कविता का भावानुवाद है, उसे अनुवाद के बाद प्रस्तुत किया गया है। मैं अनुवाद के लिए अंग्रेजी में मूल कविताएं सामान्यतः ऑनलाइन उपलब्ध काव्य…
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शर्त लेकिन थी कि ये बुनियाद हिलनी चाहिए!
आज मैं फिर से एक बार दुष्यंत कुमार जी की एक गज़ल शेयर कर रहा हूँ। जैसा कि मैंने पहले भी लिखा है, दुष्यंत कुमार जी आपात्काल में लिखी गई अपनी गज़लों के कारण बहुत प्रसिद्ध हुए थे। मैंने पहले भी उनकी कुछ गज़लें शेयर की हैं। आज की इस गज़ल में जन-साधारण का उनके…
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जहाँ छाया प्रकाश का पीछा करती है – रवींद्रनाथ ठाकुर
आज, मैं फिर से भारत के नोबल पुरस्कार विजेता कवि गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की एक और कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित जिस कविता का भावानुवाद है, उसे अनुवाद के बाद प्रस्तुत किया गया है। मैं अनुवाद के लिए अंग्रेजी में मूल कविताएं सामान्यतः ऑनलाइन उपलब्ध काव्य…