Skip to content

SamaySakshi

A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
    • Activity
    • Members
    • Sample Page
    • Sample Page
    • Sample Page
    • About
    • Contact
  • 22nd Nov 2021

    तेरा जाता क्या है!

    अपनी तस्वीर को आँखों से लगाता क्या है,एक नज़र मेरी तरफ भी, तेरा जाता क्या है|

  • 22nd Nov 2021

    वह मातृभूमि मेरी

    आज फिर से मैं भारतीय स्वाधीनता संग्राम के अभियान को अपने स्वर प्रदान करने वाले महान कवि , गांधी जी के लिए ‘चल पड़े जिधर दो डग मग में’, ‘वंदना के इन स्वरों में एक स्वर मेरा मिला लो आदि अनेक प्रेरक रचना करने वाले स्वर्गीय सोहन लाल द्विवेदी जी की एक और, भारतवर्ष का…

  • 21st Nov 2021

    कहाँ रात की!

    कई साल से कुछ ख़बर ही नहीं,कहाँ दिन गुज़ारा कहाँ रात की| बशीर बद्र

  • 21st Nov 2021

    रात बरसात की!

    मुक़द्दर मेरी चश्म-ए-पुर-आब का,बरसती हुई रात बरसात की| बशीर बद्र

  • 21st Nov 2021

    चलती हवा रुक गई!

    मैं चुप था तो चलती हवा रुक गई,ज़ुबां सब समझते हैं जज़्बात की| बशीर बद्र

  • 21st Nov 2021

    परियाँ नहाने लगीं!

    उजालों की परियाँ नहाने लगीं,नदी गुनगुनाई ख़यालात की| बशीर बद्र

  • 21st Nov 2021

    आरज़ू थी मुलाक़ात की!

    न जी भर के देखा न कुछ बात की,बड़ी आरज़ू थी मुलाक़ात की| बशीर बद्र

  • 21st Nov 2021

    समय की शिला पर मधुर चित्र कितने!

    आज हिन्दी के प्रतिष्ठित कवि और नवगीत आंदोलन के प्रणेता स्वर्गीय शंभुनाथ सिंह जी का एक गीत शेयर कर रहा हूँ| इत्तेफाक से मैं कभी उनके कभी दर्शन नहीं कर पाया लेकिन किसी रचनाकार से असली जुड़ाव तो उसकी रचनाओं के माध्यम से ही होता है| लीजिए आज प्रस्तुत है स्वर्गीय शंभुनाथ सिंह जी का…

  • 20th Nov 2021

    मेरा अंगूठा काट जाती है!

    किसी कुटिया को जब “बेकल”महल का रूप देता हूँ,शंहशाही की ज़िद्द मेरा अंगूठा काट जाती है| बेकल उत्साही

  • 20th Nov 2021

    गर्मी का महीना काट जाती है!

    तेरी वादी से हर इक साल बर्फ़ीली हवा आकर,हमारे साथ गर्मी का महीना काट जाती है| बेकल उत्साही

←Previous Page
1 … 1,210 1,211 1,212 1,213 1,214 … 1,378
Next Page→

Blog at WordPress.com.

Privacy & Cookies: This site uses cookies. By continuing to use this website, you agree to their use.
To find out more, including how to control cookies, see here: Cookie Policy
  • Subscribe Subscribed
    • SamaySakshi
    • Join 1,143 other subscribers.
    • Already have a WordPress.com account? Log in now.
    • SamaySakshi
    • Subscribe Subscribed
    • Sign up
    • Log in
    • Report this content
    • View site in Reader
    • Manage subscriptions
    • Collapse this bar