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SamaySakshi

A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
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  • 27th Apr 2026

    ज़रूरत उसे भी थी!

    सुनता था वो भी सब से पुरानी कहानियाँ,शायद रफ़ाक़तों की ज़रूरत उसे भी थी| मोहसिन नक़वी

  • 27th Apr 2026

    वर्ना हर एक साँस!

    वो मुझ से बढ़ के ज़ब्त का आदी था जी गया,वर्ना हर एक साँस क़यामत उसे भी थी| मोहसिन नक़वी

  • 27th Apr 2026

    आज सोचा तो आंसू भर आए-2

    मेरे यूट्यूब चैनल के माध्यम से कल मैंने फिल्म ‘हंसते ज़ख्म’ के लिए कैफी आज़मी साहब जी के कुछ शेर प्रस्तुत किए थे जिन्हें लता जी ने मदन मोहन जी के संगीत निर्देशन में गाया था।इस ग़ज़ल के बाकी शेर अपने स्वर में अब प्रस्तुत कर रहा हूँ- आज सोचा तो आंसू भर आए-2 आशा…

  • 27th Apr 2026

    हालाँकि शहर-भर से !

    मुझ से बिछड़ के शहर में घुल-मिल गया वो शख़्स,हालाँकि शहर-भर से अदावत उसे भी थी| मोहसिन नक़वी

  • 27th Apr 2026

    ये दिल है मोहब्बत का प्यासा!

    अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज मैं, अपने स्वर में फिल्म ‘दिल ने फिर याद किया’ के लिए मुकेश जी का गाया यह गीत प्रस्तुत कर रहा हूँ जिसे जी एल रावल जी ने लिखा था और संगीत सोनिक ओमी जी का था- ये दिल है मोहब्बत का प्यासा इस दिल का तड़पना क्या…

  • 27th Apr 2026

    भरे जंगल के बीचो बीच!

    आज एक बार फिर मैं श्रेष्ठ हिंदी कवि स्वर्गीय नरेंद्र शर्मा जी की एक रचना शेयर कर रहा हूँ। नरेंद्र शर्मा जी की कुछ रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं। लीजिए आज प्रस्तुत है स्वर्गीय नरेंद्र शर्मा जी की यह कविता – भरे जंगल के बीचो बीच,न कोई आया गया जहाँ,चलो, हम दोनों चलें…

  • 26th Apr 2026

    मसरूफ़ मैं भी कम था!

    उस रात देर तक वो रहा महव-ए-गुफ़्तुगू,मसरूफ़ मैं भी कम था फ़राग़त उसे भी थी| मोहसिन नक़वी

  • 26th Apr 2026

    आज सोचा तो आंसू भर आए!

    मेरे यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज मेरे स्वर में प्रस्तुत है लता मंगेशकर जी द्वारा , मदन मोहन जी के संगीत निर्देशन हंसते ज़ख्म के लिए गाई गई कैफी आज़मी साहब की लिखी ये ग़ज़ल- आज सोचा तो आंसू भर आए, मुद्दतों हो गईं मुस्कुराए। आशा है यह आपको पसंद आएगी,धन्यवाद । *****

  • 26th Apr 2026

    मुझ को भी शौक़ था!

    मुझ को भी शौक़ था नए चेहरों की दीद का,रस्ता बदल के चलने की आदत उसे भी थी| मोहसिन नक़वी

  • 26th Apr 2026

    तेरी निगाहों पे मर मर गए हम!

    अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज मैं, अपने स्वर में शबनम फिल्म के लिए मुकेश जी का गाया गीत प्रस्तुत कर रहा हूँ जिसे लिखा था जावेद अनवर जी ने और इसका संगीत उषा खन्ना जी ने तैयार किया था- तेरी निगाहों पे मर मर गए हम! आशा है आपको यह पसंद आएगा, धन्यवाद।…

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