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इंद्रधनुष सपनों को!
आज फिर से मेरा एक पुराना गीत प्रस्तुत है, आप सुधीजनों की सम्मति चाहूंगा- इंद्रधनुष सपनों को, पथरीले अनुभव कीताक पर धरें,आओ हम तुम मिलकर, रोज़गार दफ्तर कीफाइलें भरें। गर्मी में सड़कों का ताप बांट लें,सर्दी में पेड़ों के साथ कांप लें,बूंद-बूंद रिसकर आकाश से झरें।रोज़गार दफ्तर की फाइलें भरें॥ ढांपती दिशाओं को, हीन ग्रंथियां,फूटतीं…
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दिल जल रहा था!
दिल जल रहा था ग़म से मगर नग़्मा-गर रहा,जब तक रहा मैं साथ मिरे ये हुनर रहा| मुनीर नियाज़ी
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ये कौन चित्रकार है!
अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज मैं अपने स्वर में फिल्म- ‘बूंद जो बन गई मोती’ के लिए मुकेश जी का गाया यह गीत प्रस्तुत कर रहा हूँ- ये कौन चित्रकार है! आशा है आपको ये पसंद आएगा, धन्यवाद । *****
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हम न होंगे तो!
अब तो बे-दाद पे बे-दाद करेगी दुनिया,हम न होंगे तो हमें याद करेगी दुनिया| क़तील शिफ़ाई
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नाम बड़े और दर्शन-1
अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज मैं, अपने स्वर में काका हाथरसी जी की इस कविता का पहला भाग प्रस्तुत कर रहा हूँ- नाम बड़े और दर्शन छोटे (भाग-1) अगला भाग बाद में प्रस्तुत करूंगा,आशा है आपको यह पसंद आएगा,धन्यवाद । ******
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कड़वे सत्य कहे!
आज मैं हिंदी के श्रेष्ठ कवि श्री सोम ठाकुर जी की एक रचना शेयर कर रहा हूँ। सोम जी की बहुत सी रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं। लीजिए आज प्रस्तुत है श्री सोम ठाकुर जी का यह गीत – सहनेवालों ने ही दुख दर्द सहेमोटी ख़ालोंवाले तो दुर्दिन मेंसुख में डूबे सुविधा के…
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सितारे शाम से पहले!
न जाने क्यूँ हमें इस दम तुम्हारी याद आती है,जब आँखों में चमकते हैं सितारे शाम से पहले| क़तील शिफ़ाई