Skip to content

SamaySakshi

A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
    • Activity
    • Members
    • Sample Page
    • Sample Page
    • Sample Page
    • About
    • Contact
  • 5th Jan 2026

    इंद्रधनुष सपनों को!

    आज फिर से मेरा एक पुराना गीत प्रस्तुत है, आप सुधीजनों की सम्मति चाहूंगा- इंद्रधनुष सपनों को, पथरीले अनुभव कीताक पर धरें,आओ हम तुम मिलकर, रोज़गार दफ्तर कीफाइलें भरें। गर्मी में सड़कों का ताप बांट लें,सर्दी में पेड़ों के साथ कांप लें,बूंद-बूंद रिसकर आकाश से झरें।रोज़गार दफ्तर की फाइलें भरें॥ ढांपती दिशाओं को, हीन ग्रंथियां,फूटतीं…

  • 4th Jan 2026

    दिल जल रहा था!

    दिल जल रहा था ग़म से मगर नग़्मा-गर रहा,जब तक रहा मैं साथ मिरे ये हुनर रहा| मुनीर नियाज़ी

  • 4th Jan 2026

    जब किसी और को!

    सामने आएँगे अपनी ही वफ़ा के पहलू,जब किसी और को बरबाद करेगी दुनिया| क़तील शिफ़ाई

  • 4th Jan 2026

    अब क़फ़स कौन सा!

    ज़िंदगी भाग चली मौत के दरवाज़े से,अब क़फ़स कौन सा ईजाद करेगी दुनिया| क़तील शिफ़ाई

  • 4th Jan 2026

    ये कौन चित्रकार है!

    अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज मैं अपने स्वर में फिल्म- ‘बूंद जो बन गई मोती’ के लिए मुकेश जी का गाया यह गीत प्रस्तुत कर रहा हूँ- ये कौन चित्रकार है! आशा है आपको ये पसंद आएगा, धन्यवाद । *****

  • 4th Jan 2026

    हम न होंगे तो!

    अब तो बे-दाद पे बे-दाद करेगी दुनिया,हम न होंगे तो हमें याद करेगी दुनिया| क़तील शिफ़ाई

  • 4th Jan 2026

    नाम बड़े और दर्शन-1

    अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज मैं, अपने स्वर में काका हाथरसी जी की इस कविता का पहला भाग प्रस्तुत कर रहा हूँ- नाम बड़े और दर्शन छोटे (भाग-1) अगला भाग बाद में प्रस्तुत करूंगा,आशा है आपको यह पसंद आएगा,धन्यवाद । ******

  • 4th Jan 2026

    सुनेगा जब ज़माना!

    सुनेगा जब ज़माना मेरी बर्बादी के अफ़्साने,तुम्हारा नाम भी आएगा मेरे नाम से पहले| क़तील शिफ़ाई

  • 4th Jan 2026

    कड़वे सत्य कहे!

    आज मैं हिंदी के श्रेष्ठ कवि श्री सोम ठाकुर जी की एक रचना शेयर कर रहा हूँ। सोम जी की बहुत सी रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं। लीजिए आज प्रस्तुत है श्री सोम ठाकुर जी का यह गीत – सहनेवालों ने ही दुख दर्द सहेमोटी ख़ालोंवाले तो दुर्दिन मेंसुख में डूबे सुविधा के…

  • 3rd Jan 2026

    सितारे शाम से पहले!

    न जाने क्यूँ हमें इस दम तुम्हारी याद आती है,जब आँखों में चमकते हैं सितारे शाम से पहले| क़तील शिफ़ाई

←Previous Page
1 … 115 116 117 118 119 … 1,431
Next Page→

Blog at WordPress.com.

Privacy & Cookies: This site uses cookies. By continuing to use this website, you agree to their use.
To find out more, including how to control cookies, see here: Cookie Policy
  • Subscribe Subscribed
    • SamaySakshi
    • Join 1,132 other subscribers.
    • Already have a WordPress.com account? Log in now.
    • SamaySakshi
    • Subscribe Subscribed
    • Sign up
    • Log in
    • Report this content
    • View site in Reader
    • Manage subscriptions
    • Collapse this bar