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SamaySakshi

A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
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  • 29th Apr 2026

    मेरा प्यार भी तू है!

    अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज मैं अपने स्वर में फिल्म- साथी का गीत शेयर कर रहा हूँ जिसे मुकेश जी और सुमन कल्याणपुर जी ने गाया था, गीतकार थे मजरूह सुल्तानपुरी और संगीत नौशाद जी ने तैयार किया था- मेरा प्यार भी तू है, ये बहार भी तू है! आशा है आपको यह…

  • 29th Apr 2026

    स्त्रियाँ लाती थीं मीलों दूर से भरकर घड़े!

    आज एक बार फिर मैं श्रेष्ठ हिंदी कवि प्रयाग शुक्ल जी की एक रचना शेयर कर रहा हूँ। प्रयाग शुक्ल जी की कुछ रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं। लीजिए आज प्रस्तुत है प्रयाग शुक्ल जी की यह कविता – खड़े थे कई बच्चेतितर-बितर।नहीं था पानीबिजली नहीं थी।कीचड़ था। आंधी चलती थी।बूंदें गिरती थीं।रोती…

  • 28th Apr 2026

    शायद असर नहीं आया!

    वो माहताब अभी बाम पर नहीं आया,मिरी दुआओं में शायद असर नहीं आया| अज़हर इक़बाल

  • 28th Apr 2026

    तुझ से मिलने के बाद!

    बार-हा तेरी जुस्तुजू में हम, तुझ से मिलने के बाद भी तरसे| अज़हर इक़बाल

  • 28th Apr 2026

    घर में रह कर भी!

    एक मुद्दत से हैं सफ़र में हम,घर में रह कर भी जैसे बेघर से| अज़हर इक़बाल

  • 28th Apr 2026

    आधी उमर करके धुआं-1

    अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज मैं श्रेष्ठ कवि स्वर्गीय भारत भूषण जी के इस प्रसिद्ध गीत का पहला अंश प्रस्तुत कर रहा हूँ- आधी उमर करके धुआं, ये तो कहो किसके हुए-1 आशा है आपको यह पसंद आएगा,धन्यवाद। *******

  • 28th Apr 2026

    मुझ को वहशत हुई!

    मुझ को वहशत हुई मिरे घर से,रात तेरी जुदाई के डर से| अज़हर इक़बाल

  • 28th Apr 2026

    रात और दिन दिया जले!

    अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज मैं अपने स्वर में फिल्म- रात और दिन के लिए मुकेश जी का गाया गीत प्रस्तुत कर रहा हूँ, जिसे हसरत जयपुरी जी ने लिखा था और इस फिल्म में शंकर जयकिशन जी का संगीत था- रात और दिन दिया जले, मेरे घर में फिर भी अंधियारा है!…

  • 28th Apr 2026

    वृक्षत्व!

    आज एक बार फिर मैं श्रेष्ठ हिंदी कवि स्वर्गीय नरेश मेहता जी की एक रचना शेयर कर रहा हूँ। नरेश मेहता जी की कुछ रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं। लीजिए आज प्रस्तुत है स्वर्गीय नरेश मेहता जी की यह कविता – माधवी के नीचे बैठा थाकि हठात् विशाखा हवा आयीऔर फूलों का एक…

  • 27th Apr 2026

    साए से प्यार धूप से!

    तन्हा हुआ सफ़र में तो मुझ पे खुला ये भेद,साए से प्यार धूप से नफ़रत उसे भी थी| मोहसिन नक़वी

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