Skip to content

SamaySakshi

A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
    • Activity
    • Members
    • Sample Page
    • Sample Page
    • Sample Page
    • About
    • Contact
  • 22nd Jan 2022

    अपना पता ढूंढ रहे हैं!

    पहले तो ज़माने में कहीं खो दिया ख़ुद को,आईने में अब अपना पता ढूंढ रहे हैं| राजेश रेड्डी

  • 22nd Jan 2022

    अपना ख़ुदा ढूंढ रहे हैं!

    पूजा में, नमाज़ों में, अज़ानों में, भजन में,ये लोग कहाँ अपना ख़ुदा ढूंढ रहे हैं| राजेश रेड्डी

  • 22nd Jan 2022

    सिरा ढूंढ रहे हैं!

    दुनिया को समझ लेने की कोशिश में लगे हम,उलझे हुए धागों का सिरा ढूंढ रहे हैं| राजेश रेड्डी

  • 22nd Jan 2022

    वफ़ा ढूंढ रहे हैं!

    इस अहद के इंसां मे वफ़ा ढूंढ रहे हैं,हम ज़हर की शीशी मे दवा ढूंढ रहे हैं| राजेश रेड्डी

  • 22nd Jan 2022

    वह झंकार है कविता!

    नीलम सिंह जी एक सृजनशील कवियित्री हैं, उनके एक गीत की पंक्तियां मुझे अक्सर याद आती हैं- धूप, धुआँ, पानी में,ऋतु की मनमानी में,सूख गए पौधे तोमन को मत कोसना,और काम सोचना| आज प्रस्तुत है नीलम सिंह जी की एक और प्रभावशाली कविता, जो वास्तव में ‘कविता’ की क्षमता और प्रभाविता के बारे में ही…

  • 21st Jan 2022

    ले के गिरेबाँ का तार तार चले!

    हुज़ूर-ए-यार हुई दफ़्तर-ए-जुनूँ की तलब,गिरह में ले के गिरेबाँ का तार तार चले| फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

  • 21st Jan 2022

    तुम्हारे नाम पे आयेंगे!

    बड़ा है दर्द का रिश्ता ये दिल गरीब सही,तुम्हारे नाम पे आयेंगे ग़म-गुसार चले| फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

  • 21st Jan 2022

    जो कू-ए-यार से निकले तो–

    मकाम ‘फ़ैज़’ कोई राह में जँचा ही नहीं,जो कू-ए-यार से निकले तो सू-ए-दार चले| फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

  • 21st Jan 2022

    जो हम पे गुज़री सो गुज़री!

    जो हम पे गुज़री सो गुज़री मगर शब-ए-हिज्राँ,हमारे अश्क तेरी आकबत सँवार चले| फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

  • 21st Jan 2022

    आज ज़िक्र-ए-यार चले!

    क़फ़स उदास है यारो सबा से कुछ तो कहो,कहीं तो बहर-ए-ख़ुदा आज ज़िक्र-ए-यार चले| फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

←Previous Page
1 … 1,169 1,170 1,171 1,172 1,173 … 1,380
Next Page→

Blog at WordPress.com.

Privacy & Cookies: This site uses cookies. By continuing to use this website, you agree to their use.
To find out more, including how to control cookies, see here: Cookie Policy
  • Subscribe Subscribed
    • SamaySakshi
    • Join 1,143 other subscribers.
    • Already have a WordPress.com account? Log in now.
    • SamaySakshi
    • Subscribe Subscribed
    • Sign up
    • Log in
    • Report this content
    • View site in Reader
    • Manage subscriptions
    • Collapse this bar