Skip to content

SamaySakshi

A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
    • Activity
    • Members
    • Sample Page
    • Sample Page
    • Sample Page
    • About
    • Contact
  • 26th Nov 2022

    कि बरस चुका है पानी!

    मिरा ग़म रुला चुका है तुझे बिखरी ज़ुल्फ़ वाले, ये घटा बता रही है कि बरस चुका है पानी| नज़ीर बनारसी

  • 26th Nov 2022

    तो ये कैसी बद-गुमानी!

    नहीं मुझसे जब तअल्लुक़ तो ख़फ़ा ख़फ़ा से क्यूँ हैं, नहीं जब मिरी मोहब्बत तो ये कैसी बद-गुमानी| नज़ीर बनारसी

  • 26th Nov 2022

    ये बला की मेहरबानी!

    ये इनायतें ग़ज़ब की ये बला की मेहरबानी, मेरी ख़ैरियत भी पूछी किसी और की ज़बानी| नज़ीर बनारसी

  • 26th Nov 2022

    प्रिये तुम्हारी इन आँखों में!

    आज मैं अपने समय में हिन्दी के श्रेष्ठ कवि और गीतकार रहे तथा काव्य-मंचों की शोभा बढ़ाने वाले स्वर्गीय गोपाल सिंह नेपाली जी का एक गीत शेयर कर रहा हूँ| नेपाली जी की कुछ रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं| लीजिए आज प्रस्तुत है स्वर्गीय गोपाल सिंह नेपाली जी का यह गीत– प्रिये तुम्हारी…

  • 25th Nov 2022

    नासमझ हवा पूछ रही है इक पता!

    शाम की ना-समझ हवा पूछ रही है इक पता, मौज-ए-हवा-ए-कू-ए-यार कुछ तो मिरा ख़याल भी| परवीन शाकिर

  • 25th Nov 2022

    रूह के और जाल भी!

    उसके ही बाज़ुओं में और उसको ही सोचते रहे, जिस्म की ख़्वाहिशों पे थे रूह के और जाल भी| परवीन शाकिर

  • 25th Nov 2022

    छुप गया अपने ग़मों का हाल भी!

    उसकी सुख़न-तराज़ियाँ मेरे लिए भी ढाल थीं, उसकी हँसी में छुप गया अपने ग़मों का हाल भी| परवीन शाकिर

  • 25th Nov 2022

    यूँ गिरा भूल गया सवाल भी!

    मेरी तलब था एक शख़्स वो जो नहीं मिला तो फिर, हाथ दुआ से यूँ गिरा भूल गया सवाल भी| परवीन शाकिर

  • 25th Nov 2022

    दिल का अजीब हाल था!

    उसको न पा सके थे जब दिल का अजीब हाल था, अब जो पलट के देखिए बात थी कुछ मुहाल भी| परवीन शाकिर

  • 25th Nov 2022

    दिल तो चमक सकेगा क्या!

    दिल तो चमक सकेगा क्या फिर भी तराश के देख लें, शीशा-गिरान-ए-शहर के हाथ का ये कमाल भी| परवीन शाकिर

←Previous Page
1 … 1,077 1,078 1,079 1,080 1,081 … 1,528
Next Page→

Blog at WordPress.com.

Privacy & Cookies: This site uses cookies. By continuing to use this website, you agree to their use.
To find out more, including how to control cookies, see here: Cookie Policy
  • Subscribe Subscribed
    SamaySakshi
    Join 1,132 other subscribers.

    Have a WordPress.com account? Log in now.

  • SamaySakshi
    View site in Reader
    Manage subscriptionsSign upLog in
    Report this content
    Collapse this bar