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निगाह को ऐसी रसाई दे!
देना है तो निगाह को ऐसी रसाई दे, मैं देखता हूँ आइना तो मुझे तू दिखाई दे| कृष्ण बिहारी नूर
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रजनीगन्धा खिले पराए आँगन में!
आज एक बार फिर से मैं हिन्दी के एक श्रेष्ठ गीतकार स्वर्गीय किशन सरोज जी का एक गीत शेयर कर रहा हूँ| किशन सरोज जी ने अपने गीतों में प्रेम के सुकोमल भावों को बड़ी महारत के साथ अभिव्यक्त किया है| लीजिए आज प्रस्तुत है स्वर्गीय किशन सरोज का यह गीत– मन की सीमा के…