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A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
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  • 29th Jul 2022

    शेष!

    श्री गंगा प्रसाद विमल जी की पहचान मुख्यतः कथाकार, उपन्यासकार के रूप में होती है परंतु उनके कविता संकलन भी प्रकाशित हुए हैं और एक कवि की भूमिका में भी वे समान रूप से सक्रिय रहे हैं||लीजिए आज प्रस्तुत है श्री गंगा प्रसाद विमल जी की यह लंबी कविता – शेषकई बार लगता हैमैं ही…

  • 28th Jul 2022

    ख़ुद पे कोई एहसान कर लिया है!

    कुछ इस तरह गुज़ारा है ज़िंदगी को हमने, जैसे कि ख़ुद पे कोई एहसान कर लिया है| राजेश रेड्डी

  • 28th Jul 2022

    अपना तूने नादान कर लिया है!

    सोचा भी है कि दाना बनने की कोशिशों में, क्या हाल अपना तू ने नादान कर लिया है| राजेश रेड्डी

  • 28th Jul 2022

    हमीं ने तूफ़ान कर लिया है!

    इक दिल के टूटने पर रोता है कोई इतना, झोंके को ख़ुद हमीं ने तूफ़ान कर लिया है| राजेश रेड्डी

  • 28th Jul 2022

    ज़िंदगी का अरमान कर लिया है!

    अक्सर हुआ है मरने की माँग कर दुआएँ, फिर हमने ज़िंदगी का अरमान कर लिया है| राजेश रेड्डी

  • 28th Jul 2022

    मुसीबतों को मेहमान कर लिया है!

    हर बार अपने दिल की बातें ज़बाँ पे लाकर, हमने मुसीबतों को मेहमान कर लिया है| राजेश रेड्डी

  • 28th Jul 2022

    चलकर नुक़सान कर लिया है!

    जिन नेकियों पे चलकर अज्दाद कितने ख़ुश थे. हम ने उन्ही पे चल कर नुक़सान कर लिया है| राजेश रेड्डी

  • 28th Jul 2022

    ख़ुद को इंसान कर लिया है!

    सब लोग इससे पहले कि देवता समझते, हमने ज़रा सा ख़ुद को इंसान कर लिया है| राजेश रेड्डी

  • 28th Jul 2022

    महानगर!

    किसी समय हिन्दी गीत का पर्याय रहे स्वर्गीय हरिवंशराय बच्चन जी की एक लंबी कविता शेयर कर रहा हूँ| बच्चन जी का हिन्दी गीत के विकास में महत्वपूर्ण योगदान रहा है| लीजिए आज प्रस्तुत है स्वर्गीय स्वर्गीय हरिवंशराय बच्चन जी की महानगर पर लिखी यह लंबी कविता, जिसमें महानगर के चरित्र का, उसकी खूबियों और…

  • 27th Jul 2022

    लौटने का सामान कर लिया है!

    दुनिया में आँखें खोली हैं मूँदने की ख़ातिर, आते ही लौटने का सामान कर लिया है| राजेश रेड्डी

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