Category: Uncategorized
-
आओ हम धूप-वॄक्ष काटें!
हिन्दी नवगीत के एक प्रमुख हस्ताक्षर श्री माहेश्वर तिवारी जी का एक नवगीत आज शेयर कर रहा हूँ| श्री माहेश्वर जी की कुछ रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं| लीजिए आज प्रस्तुत है श्री माहेश्वर तिवारी जी का यह नवगीत – आओ हम धूप-वॄक्ष काटें ।इधर-उधर हलकापन बाँटें । अमलतास गहराकर फूलेहवा नीमगाछों पर…