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चिंगारी कोई भड़के!
मेरे यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज प्रस्तुत है मेरे स्वर में यह गीत- चिंगारी कोई भड़के तो सावन उसे बुझाए, सावन जो अगन लगाए उसे कौन बुझाए!फिल्म- अमर प्रेमकलाकार- राजेश खन्ना, शर्मिला टैगोरगीतकार- आनंद बक्षीसंगीतकार – राहुल देव बर्मन गायक- किशोर कुमारप्रस्तुति- श्रीकृष्ण शर्मा आशा है आपको यह पसंद आएगा, धन्यवाद। *****
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डरो!
आज मैं श्रेष्ठ हिंदी कवि स्वर्गीय विष्णु खरे जी की रचना शेयर कर रहा हूँ। खरे जी की कुछ रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं। आज प्रस्तुत हैं स्वर्गीय विष्णु खरे जी की यह कविता – कहो तो डरो कि हाय यह क्यों कह दियान कहो तो डरो कि पूछेंगे चुप क्यों हो सुनो…
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पत्थर को पिघलते देखा!
आतिश-ए-इश्क़ से बचिए कि यहाँ हम ने भी,मोम की तरह से पत्थर को पिघलते देखा| क़ैसर ख़ालिद
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अगर चल सको!
मेरे यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज प्रस्तुत है मेरे स्वर में स्वर्गीय शिशुपाल सिंह निर्धन जी के गीत का प्रारंभिक अंश- अगर चल सको साथ चलो तुम! आशा है आपको यह पसंद आएगा,धन्यवाद। ******
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क़तरों को कुचलते देखा!
सब्ज़ा-ओ-गुल पे हवा रखती है शबनम लेकिन, फिर हवा को उन ही क़तरों को कुचलते देखा| क़ैसर ख़ालिद
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बे-झिझक चल न सका!
बे-झिझक चल न सका दश्त-ए-वफ़ा में अब तक,रुकते देखा कभी उस शोख़ को चलते देखा| क़ैसर ख़ालिद
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कोरा कागज़ था ये मन मेरा!
मेरे यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज प्रस्तुत है मेरे स्वर में यह गीत- कोरा कागज़ था ये मन मेरा, लिख दिया नाम इसपे तेरा!फ़िल्म – आराधनागीतकार- आनंद बक्षीसंगीतकार- सचिन देव बर्मनगायक- किशोर कुमार, लता मंगेशकरप्रस्तुति- श्रीकृष्ण शर्मा आशा है आपको यह पसंद आएगा,धन्यवाद। *****
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धूप में जलते देखा!
जिन को पाला था बहारों ने जहाँ भर की, उन्हें,आज़माइश की कड़ी धूप में जलते देखा| क़ैसर ख़ालिद
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यार हमें मत बांटो ज्ञान!
प्रस्तुत है मेरी आज की रचना, आप सुधीजनों की सम्मति चाहूंगा- यार हमें मत बांटो ज्ञानतुम बेचो अपना सामान। नहीं चाहिए लफ्फाजीमेरा बल मेरा ईमान। नियम कायदे विनिमय केक्या जानेंगे हम नादान। आंसू एकत्रित करके बनता ग़ालिब का दीवान। संवेदन की दुनिया मेंबरछी, भाले और कृपाण! ढोल, नगाड़े सब बाहर मन की यह बस्ती सुनसान!…