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बह नहीं जाना लहर में!
आज मैं श्रेष्ठ हिंदी कवि स्वर्गीय वीरेंद्र मिश्र जी की रचना शेयर कर रहा हूँ। मिश्र जी की कुछ रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं। आज प्रस्तुत हैं स्वर्गीय वीरेंद्र मिश्र जी का यह नवगीत – यह मधुर मधुवंत बेलामन नहीं है अब अकेलास्वप्न का संगीत कंगन की तरह खनका सांझ रंगारंग है येमुस्कुराता…
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लोग साँसों का कफ़न!
ज़िंदगी ऐसे भी हालात बना देती है, लोग साँसों का कफ़न ओढ़ के मर जाते हैं| शकील जमाली
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अपने बच्चों की तरफ़!
मौत को हम ने कभी कुछ नहीं समझा मगर आज,अपने बच्चों की तरफ़ देख के डर जाते हैं| शकील जमाली
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इस खेल में सर जाते हैं!
लोग कहते हैं कि इस खेल में सर जाते हैं,इश्क़ में इतना ख़सारा है तो घर जाते हैं| शकील जमाली
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ज़िंदगी में तो सभी!
मेरे यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज प्रस्तुत है मेरे स्वर में मेहदी हसन जी के गाए गीत का प्रारंभिक अंशयह मेहदी हसन जी का गाया बहुत प्रसिद्ध गीत है जिसे बाद में अन्य गायकों ने भी गाया है-ज़िंदगी में तो सभी प्यार किया करते हैं! आशा है आपको यह पसंद आएगा, धन्यवाद। ******
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फिर छिड़ी रात बात!
अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज मैं अपने स्वर में यह गीत प्रस्तुत कर रहा हूँ- फिर छिड़ी रात बात फूलों की, रात है या बारात फूलों की!फ़िल्म- बाज़ारगीतकार- मखदूम मोइउद्दीनसंगीतकार- खय्यामगायक- लता मंगेशकर और तलत अजीज़प्रस्तुति-श्रीकृष्ण शर्मा आशा है आपको यह पसंद आएगा,धन्यवाद। *****
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मार्ग जिस पर चला नहीं कोई!
आज एक पुरानी पोस्ट दोहराने का दिन है।आज मैं विख्यात अंग्रेजी कवि रॉबर्ट फ्रॉस्ट की एक कविता का भावानुवाद और उसके बाद मूल कविता प्रस्तुत कर रहा हूँ। पहले प्रस्तुत है मेरे द्वारा किया गया कविता का भावानुवाद- आज रॉबर्ट फ्रॉस्ट की लिखी प्रसिद्ध अंग्रेजी कविता ‘द रोड नॉट टेकन’ का हिंदी अनुवाद प्रस्तुत कर…