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ख़ज़ाना भी बुरा लगता है!
मैं ने रोते हुए देखा है अली बाबा को,बाज़ औक़ात ख़ज़ाना भी बुरा लगता है। शकील आज़मी
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अब तुझे हाथ लगाना भी!
ज़ाइक़ा जिस्म का आँखों में सिमट आया है,अब तुझे हाथ लगाना भी बुरा लगता है। शकील आज़मी
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ज़िन्दगी में तो सभी प्यार किया करते हैं-4
मेरे यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज प्रस्तुत है मेरे स्वर में मेहदी हसन जी के गाए गीत का अंतिम भाग- तेरी हर चाप से जलते हैं खयालों में चराग आशा है आपको यह पसंद आएगा,धन्यवाद। ******
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पास मेरे तिरा आना भी!
इतना खोया हुआ रहता हूँ ख़यालों में तिरेपास मेरे तिरा आना भी बुरा लगता है। शकील आज़मी
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सजनवा बैरी हो गए हमार!
मेरे यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज प्रस्तुत है मेरे स्वर में यह गीत- सजनवा बैरी हो गए हमार, चिठिया हो तो हर कोई बांचे, भाग न बांचे कोय!फिल्म- तीसरी कसममुख्य कलाकार- राज कपूर, वहीदा रहमानफिल्म निर्माता और गीतकार- शैलेंद्रसंगीतकार- शंकर जयकिशनगायक- मुकेशप्रस्तुति- श्रीकृष्ण शर्मा आशा है आपको यह पसंद आएगा,धन्यवाद। ******
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पेट का सवाल है!
आज मैं श्रेष्ठ हिंदी हास्य कवि स्वर्गीय शैल चतुर्वेदी जी की रचना शेयर कर रहा हूँ। शैल जी की कुछ रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं। आज प्रस्तुत हैं स्वर्गीय शैल चतुर्वेदी जी की यह हास्य कविता – बीस साल पहलेहमने कोशिश कीहमें भी मिलेकोई नौकरी अच्छी-सीइसी आशा में दे दीदरख़्वास्तएम्पलायमेंट एक्सचेंज मेंबीस साल…
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तू नहीं है तो ज़माना भी!
फूल का शाख़ पे आना भी बुरा लगता है,तू नहीं है तो ज़माना भी बुरा लगता है। शकील आज़मी
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प्यार का बनके निगहबान तुझे चाहूंगा!
मेरे यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज प्रस्तुत है मेरे स्वर में मेहदी हसन जी के गाए गीत ‘ज़िंदगी में तो सभी प्यार किया करते हैं’ का अगला भाग –प्यार का बनके निगहबान तुझे चाहूंगा! आशा है आपको यह पसंद आएगा, धन्यवाद। ******