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आँखों के पैमाने में है!
मय की मस्ती तो उतर जाती है थोड़ी देर में, ज़िंदगी भर का नशा आँखों के पैमाने में है| हसरत जयपुरी
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किसकी ये तस्वीर है!
चाँदनी रातों में अक्सर सोचता रहता हूँ मैं, किसकी ये तस्वीर है जो दिल के वीराने में है| हसरत जयपुरी
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लुत्फ़ जलने में नहीं!
शम्अ‘ में ताक़त कहाँ जो एक परवाने में है, लुत्फ़ जलने में नहीं जल जल के मर जाने में है| हसरत जयपुरी
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दामन मिरी नज़र से!
कहने को वो हसीन थे आँखें थीं बेवफ़ा, दामन मिरी नज़र से बचा कर चले गए| हसरत जयपुरी
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मस्ती भरी नज़र से!
होश-ओ-हवास पे मिरे बिजली सी गिर पड़ी, मस्ती भरी नज़र से पिला के चले गए| हसरत जयपुरी