Category: Uncategorized
-
मानवता का दर्द लिखेंगे!
आज एक बार फिर मैं हिन्दी के प्रसिद्ध जनकवि स्वर्गीय अदम गोंडवी जी की एक कविता शेयर कर रहा हूँ| इनकी कुछ रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं| लीजिए आज प्रस्तुत है स्वर्गीय अदम गोंडवी जी की यह कविता – मानवता का दर्द लिखेंगे, माटी की बू-बास लिखेंगे ।हम अपने इस कालखण्ड का एक…
-
फटी आस्तीन लाए हैं!
वो और होंगे जो ख़ंजर छुपा के लाते हैं, हम अपने साथ फटी आस्तीन लाए हैं| राहत इंदौरी
-
ग़ज़ल की ज़मीन लाए हैं!
चमकते लफ़्ज़ सितारों से छीन लाए हैं, हम आसमाँ से ग़ज़ल की ज़मीन लाए हैं| राहत इंदौरी
-
भीगने के बा’द भारी हो गए!
नर्म-ओ-नाज़ुक हल्के-फुल्के रूई जैसे ख़्वाब थे, आँसुओं में भीगने के बा‘द भारी हो गए| राहत इंदौरी
-
अहकामात जारी हो गए!
रख दिए जाएँगे नेज़े लफ़्ज़ और होंटों के बीच, ज़िल्ल-ए-सुब्हानी के अहकामात जारी हो गए| राहत इंदौरी
-
चाँद पागल हो गया!
रौशनी की जंग में तारीकियाँ पैदा हुईं, चाँद पागल हो गया तारे भिकारी हो गए| राहत इंदौरी
-
देवता मंदिर से निकले!
देवियाँ पहुँचीं थीं अपने बाल बिखराए हुए, देवता मंदिर से निकले और पुजारी हो गए| राहत इंदौरी
-
बाप हाकिम था मगर!
फ़ैसले लम्हात के नस्लों पे भारी हो गए, बाप हाकिम था मगर बेटे भिकारी हो गए| राहत इंदौरी
-
एक चिड़िया आई!
आज एक बार फिर मैं हिन्दी के एक श्रेष्ठ कवि श्री अनूप अशेष जी की एक कविता शेयर कर रहा हूँ| इनकी बहुत सी रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं| लीजिए आज प्रस्तुत है श्री अनूप अशेष जी की यह कविता – जिस दिन मेरे घरएक चिड़ियाआई पंख फुलाए। मैंने देखा वह दिनमेरे मन…