Category: Uncategorized
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मिरे देवदास होने का!
मिरी ग़ज़ल से बना ज़ेहन में कोई तस्वीर, सबब न पूछ मिरे देवदास होने का| राहत इंदौरी
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किस ग़रज़ से आया हूँ!
मैं तेरे पास बता किस ग़रज़ से आया हूँ, सुबूत दे मुझे चेहरा-शनास* होने का| *Face Lover राहत इंदौरी
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मुझको क्या-क्या नहीं मिला!
आज एक बार फिर से मैं हिन्दी नवगीत के शिखर पुरुष स्वर्गीय शंभुनाथ सिंह जी की एक रचना शेयर कर रहा हूँ| शंभुनाथ जी की बहुत सी रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं| लीजिए आज प्रस्तुत है स्वर्गीय शंभुनाथ सिंह जी का यह नवगीत – राजा से हाथी घोड़ेरानी से सोने के बाल,मुझको क्या-क्या…
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बहाना ढूँड रहा हूँ!
महकती रात के लम्हो नज़र रखो मुझ पर, बहाना ढूँड रहा हूँ उदास होने का| राहत इंदौरी
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घर के पास होने का!
नया बहाना है हर पल उदास होने का, ये फ़ाएदा है तिरे घर के पास होने का| राहत इंदौरी
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नज़ारे नज़र को तरसेंगे
फिर उस के बा‘द नज़ारे नज़र को तरसेंगे, वो जा रहा है ख़िज़ाँ के गुलाब दे जाओ| बशीर बद्र
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आदमी की अज़ीब हालत है!
आज एक बार फिर से मैं हिन्दी के श्रेष्ठ कवि और ग़ज़ल लेखन स्वर्गीय शेरजंग गर्ग जी की एक रचना शेयर कर रहा हूँ| गर्ग जी की बहुत सी रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं| लीजिए आज प्रस्तुत है स्वर्गीय शेरजंग गर्ग जी की यह ग़ज़ल – आदमी की अज़ीब हालत हैवहशियों में ग़ज़ब…