Category: Uncategorized
-
ऊपर वाला, मेरे पत्ते!
प्रस्तुत है आज का यह गीत, आप सुधीजनों की सम्मति चाहूंगा- ऊपर वाला मेरे पत्ते रोज बदल देता है. उसे बहुत भाता है शायद खेल खेलना मुझसे इतने सखा भाव से आखिर और मिले वो किससे किंतु सुना था वो बस करनी का फल देता है. मेरे साथ खेल की तुमने क्यों सोची भगवन देवलोक…
-
क़बा तार तार रहती है!
हमारी शहर के दानिशवरों से यारी है,इसी लिए तो क़बा तार तार रहती है| राहत इंदौरी
-
रूखी रोटी भी सदा!
मेरे यूट्यूब चैनल के माध्यम से प्रस्तुत है मेरे स्वर में नीरज जी का एक और शेर – रूखी रोटी भी सदा बांट के जिसने खायी! आशा है आपको यह पसंद आएगा, धन्यवाद। ******
-
हमेशा उधार रहती है!
इसी से क़र्ज़ चुकाए हैं मैं ने सदियों के,ये ज़िंदगी जो हमेशा उधार रहती है| राहत इंदौरी
-
बहार चंद ही लम्हे!
फिर उस के बा’द वही बासी मंज़रों के जुलूस,बहार चंद ही लम्हे बहार रहती है| राहत इंदौरी
-
बे-ज़ार हैं उजालों से!
हमारे ताक़ भी बे-ज़ार हैं उजालों से,दिए की लौ भी हवा पर सवार रहती है| राहत इंदौरी
-
तेरी याद दिल से भुलाने चला हूँ!
मेरे यूट्यूब चैनल के माध्यम से प्रस्तुत है मेरे स्वर में यह अमर गीत- तेरी याद दिल से भुलाने चला हूँ कि खुद अपनी हस्ती मिटाने चला हूँ फिल्म- हरियाली और रास्ता मुख्य कलाकार- मनोज कुमार, माला सिन्हा गीतकार – शैलेन्द्र संगीतकार- शंकर जयकिशन गायक- मुकेश प्रस्तुति- श्रीकृष्ण शर्मा आशा है आपको यह पसंद आएगा,धन्यवाद…
-
दया!
आज मैं श्रेष्ठ हिंदी कवि श्री अशोक चक्रधर जी की एक रचना शेयर कर रहा हूँ। चक्रधर जी की बहुत सी रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं। आज प्रस्तुत हैं श्री अशोक चक्रधर जी की यह कविता – भूख में होती है कितनी लाचारी,ये दिखाने के लिए एक भिखारी,लॉन की घास खाने लगा,घर की…