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दीवाना हुआ बादल सावन की घटा छाई!
मेरे यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज प्रस्तुत है मेरे स्वर में यह प्रसिद्ध गीत- दीवाना हुआ बादल सावन की घटा छाई ये देख के दिल झूमा ली प्यार ने अंगड़ाई !फिल्म- कश्मीर की कली मुख्य कलाकार- शम्मी कपूर, शर्मिला टैगोर गीतकार- एस एच बिहारी संगीतकार- ओ पी नैयर गायक- मोहम्मद रफी, आशा भोसलेप्रस्तुति- श्रीकृष्ण…
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उँगलियाँ थाम के खुद!
आज मैं श्रेष्ठ हिंदी कवि तथा मेरे लिए गुरुतुल्य रहे स्वर्गीय कुंवर बेचैन जी की एक रचना शेयर कर रहा हूँ। बेचैन जी की बहुत सी रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं। आज प्रस्तुत हैं स्वर्गीय कुंवर बेचैन जी की यह ग़ज़ल- उँगलियाँ थाम के खुद चलना सिखाया था जिसेराह में छोड़ गया राह…
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ख़ाक में मिल जाएगी!
रोज़-ओ-शब हम को भी समझाती है मिट्टी क़ब्र की, ख़ाक में मिल जाएगी तेरी भी हस्ती एक दिन| मुनव्वर राना
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सहरा को बस्ती एक दिन!
तुम को ऐ वीरानियों शायद नहीं मा’लूम है,हम बनाएँगे इसी सहरा को बस्ती एक दिन| मुनव्वर राना
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सैंया निकस गए मैं ना लड़ी थी!
मेरे यूट्यूब चैनल के माध्यम से प्रस्तुत है मेरे स्वर में सत्यम शिवम सुंदरम फिल्म के आध्यात्मिक गीत का अंश- सैंया निकस गए मैं ना लड़ी थी! फिल्म- सत्यम शिवम सुंदरममुख्य कलाकार- शशि कपूर, जीनत अमानगीतकार- विट्ठल भाई पटेलसंगीतकार- लक्ष्मीकांत प्यारेलालगायिका- लता मंगेशकरप्रस्तुति- श्रीकृष्ण शर्मा आशा है आपको यह पसंद आएगा, धन्यवाद। *******
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थोड़ी सी सस्ती एक दिन!
कैसे कैसे लोग दस्तारों* के मालिक हो गए,बिक रही थी शहर में थोड़ी सी सस्ती एक दिन|*पगड़ी मुनव्वर राना
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एक दिन ख़ाना-बदोशी!
देने वाले ने तबीअ’त क्या अजब दी है उसे,एक दिन ख़ाना-बदोशी घर-गृहस्ती एक दिन| मुनव्वर राना
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फूल ने भूले से की थी!
चूसता रहता है रस भौंरा अभी तक देख लो,फूल ने भूले से की थी सरपरस्ती एक दिन| मुनव्वर राना
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जंगल-परस्ती एक दिन!
ख़ून रुलवाएगी ये जंगल-परस्ती एक दिन,सब चले जाएँगे ख़ाली कर के बस्ती एक दिन| मुनव्वर राना