थोड़ी सी सस्ती एक दिन!

कैसे कैसे लोग दस्तारों* के मालिक हो गए,
बिक रही थी शहर में थोड़ी सी सस्ती एक दिन|
*पगड़ी
मुनव्वर राना

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