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ज़मीं की धूल भी!
चमकते चाँद-सितारों का क्या भरोसा है, ज़मीं की धूल भी अपनी उड़ान में रखना| निदा फ़ाज़ली
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यह पावस की सांझ रंगीली!
आज एक बार फिर से मैं, हिन्दी गीत के शिखर पुरुष और अपने गीतों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध करने वाले स्वर्गीय हरिवंशराय बच्चन जी का एक गीत शेयर कर रहा हूँ| बच्चन जी की बहुत सी रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं| लीजिए आज प्रस्तुत है स्वर्गीय हरिवंशराय बच्चन जी का यह गीत –…
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जो खो गया है उसे भी!
जो साथ है वही घर का नसीब है लेकिन, जो खो गया है उसे भी मकान में रखना| निदा फ़ाज़ली
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मंज़िल गुमान में रखना
सफ़र को जब भी किसी दास्तान में रखना, क़दम यक़ीन में मंज़िल गुमान में रखना| निदा फ़ाज़ली