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धूप है ज़्यादा, कम है छाया!
आज एक बार फिर से मैं अपने समय के प्रसिद्ध हिन्दी गीतकार स्वर्गीय रमानाथ अवस्थी जी का एक गीत शेयर कर रहा हूँ| अवस्थी जी की बहुत सी रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं| लीजिए आज प्रस्तुत है स्वर्गीय रमानाथ अवस्थी जी का यह गीत – धूप है ज़्यादा, कम है छाया आख़िर यह मौसम…